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राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस MLA ने दी सड़कछाप गालियां, स्पीकर को भी धमका दिया

जब धारीवाल सदन में बोल रहे थे, तब ख़ुद सभापति संदीप शर्मा पीठासीन थे. समय को लेकर जिरह और तर्क से बात बढ़ी और बिगड़ गई. धारीवाल ने सभापति को धमकी तक दे डाली.

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सदन का वीडियो वायरल है. (फ़ोटो - सोशल)

शुक्रवार, 26 जुलाई को राजस्थान विधानसभा में बजट पर बहस चल रही थी. प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कोटा उत्तर से विधायक शांति कुमार धारीवाल ने कथित तौर पर असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया. स्पीकर को धमकी भी दे डाली.

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ऐसा हुआ कैसे?

सदन में बहस चल रही थी. मौजूदा हाउसिंग ऐंड अर्बन अफ़ेयर्स (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा और पूर्व UDH मंत्री शांति धारीवाल में 'लैंड फ़ॉर लैंड' मामले को लेकर तीखी बहस हो गई. झाबर सिंह खर्रा ने धारीवाल पर आरोप लगाया कि लैंड फॉर लैंड की फाइलें गायब हो गईं. 

जब धारीवाल सदन में बोल रहे थे, तब ख़ुद सभापति संदीप शर्मा पीठासीन थे. उन्होंने समय की दुहाई दी और कहा कि शांति धारीवाल अपना वक्तव्य ख़त्म करें. अलिखित नियम का पालन करते हुए धारीवाल ने पांच मिनट और मांगे. सभापति ने कहा कि ये मुमकिन नहीं होगा, क्योंकि कुल 65 वक्ता हैं. धारीवाल बोले कि कितने भी हों, पांच मिनट और.

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न्यूज़ 18 की एक ख़बर के मुताबिक़, इसी बीच धारीवाल ने आसन को गाली दी और कहा,

"तुम तो कोटा के हो. कोटा में रहना है कि नहीं तुम्हें?"

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फ्लो-फ्लो में उन्होंने गाली भी दे डाली. एक नहीं दो. बता भी नहीं सकते. दरअसल, सभापति संदीप शर्मा भी कोटा दक्षिण से ही विधायक हैं. 

विधानसभा में अपशब्दों के इस्तेमाल के लिए कांग्रेस विधायक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उनकी भाषी और बर्ताव की आलोचना हो रही है. हालांकि, बाद में शांति धारीवाल और सभापति संदीप शर्मा आपस में मुस्कुराते हुए बात करते नज़र आए.  

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आचार व संसदीय शिष्टाचार के नियमों के मुताबिक़, सदन सदस्यों के कदाचार या अवमानना ​​के मामले में पीठ उन्हें सज़ा दे सकती है. चेतावनी, फटकार, निष्कासन, सदन से निलंबन और कारावास तक, विवेकानुसार कुछ भी.

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