टिकट बंटवारे का गहलोत ने लोड नहीं किया और पुराने कांग्रेसियों को निर्दलीय मैदान में उतार दिया. इनमें से ज्यादातर जीत गए.
राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कोटा में बच्चों की मौत को लेकर एक तरह से अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए हैं. कोटा के जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 107 हो गया है. सचिन पायलट ने 4 जनवरी को अस्पताल का दौरा किया. पायलट ने कहा कि हमें जिम्मेदारी तय करनी होगी. सचिन पायलट ने कहा,
मुझे लगता है कि अस्पताल में बच्चों की मौत पर हमारी प्रतिक्रिया अधिक संवेदनशील हो सकती थी. 13 महीने से हम सरकार में हैं. पिछली सरकार को दोष देना ठीक नहीं है. जवाबदेही तय होनी चाहिए. पहले क्या हुआ इस पर चर्चा ठीक नहीं है. वसुंधरा को जनता ने हरा दिया, अब जिम्मेदारी हमारी है.
राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बच्चों की मौत पर जिस तरह का बयान दिया उसकी आलोचना हुई. कांग्रेस से भी सवाल पूछे गए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान ने इस मुद्दे पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रदेश के पार्टी प्रभारी अविनाश पांडे से गहलोत सरकार से रिपोर्ट मांगी है. सोनिया गांधी के निर्देश पर राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कोटा का दौरा किया.
प्रियंका गांधी ने क्या कहा? कोटा में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत को लेकर मायावती ने प्रियंका गांधी से सवाल किए थे. मायावती ने कहा था, 'राजस्थान की कांग्रेसी सरकार के सीएम गहलोत मासूम बच्चों की हुई मौत पर अपनी कमियों को छिपाने के लिए आय दिन चोरी और ऊपर से सीनाजोरी मतलब गैर-जिम्मेदराना और असंवेदनशील बयानबाजी कर रहे हैं.' कांग्रेस का करीब 100 माओं की कोख उजड़ जाने पर केवल अपनी नाराजगी जताने से काम नहीं चलेगा. बल्कि इनको तुरन्त बर्खास्त करके वहां अपने सही व्यक्ति को सत्ता में बैठाना चाहिए. तो यह बेहतर होगा. वरना वहां और भी माओं की कोख उजड़ सकती है. कोटा के मुद्दे पर जब प्रियंका गांधी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, मैंने इसकी डिटेल मंगवाई है.कांग्रेस की टीम मौके पर गई है और जानकारी जानकारी जुटा रही है.
वहीं दूसरी ओर कोटा के सांसद और लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक विशेष टीम राजस्थान के कोटा स्थित जे.के. लोन हॉस्पिटल पहुंची है. इस टीम में जोधपुर एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टर, स्वास्थ्य, वित्त और क्षेत्रीय निदेशक शामिल हैं. इसके अलावा जयपुर से भी विशेषज्ञों को इसमें शामिल किया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने बताया था राजस्थान के मुख्यमंत्री से बात हुई है. राज्य सरकार को बच्चों के इलाज में हर संभव मदद देने का भरोसा दिया गया है. बाल रोग विशेषज्ञ की एक टीम को भी राजस्थान के लिए रवाना किया गया है, ताकि वहां बच्चों की मौत रोकी जा सके.
अशोक गहलोत सरकार कोटा में बच्चों की मौत की ज़िम्मेदारी क्यों नहीं ले रही?