कार्यक्रम में अशोक गहलोत जैसे नेता मौजूद थे लेकिन ध्यान बार-बार मंच के पीछे लगी स्क्रीन पर जा रहा था. इसकी एक तरफ राहुल गांधी की तस्वीर थी और एक तरफ ताम्रध्वज साहू. दुर्ग के साहू छत्तीसगढ़ के इकलौते नेता हैं जो मोदी लहर के बावजूद कांग्रेस टिकट पर सांसदी लड़े और जीते. साहू कांग्रेस के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) विभाग के अध्यक्ष हैं. तो साफ था कि राहुल ओबीसी समाज तक अपनी बात पहुंचाने को लेकर गंभीर दिखना चाहते थे. लेकिन जो कुछ जनता तक पहुंचा उसके लिए अंग्रेज़ी में 'मिक्स्ड बैग' शब्द है. माने कुछ काम की बात, कुछ राजनीतिक बयानबाज़ी और बयानबाज़ी के चक्कर में कुछ गलतियां. सब की सब बटोरकर हम यहां दे रहे हैं.
- अपने 'अनुभव' के आधार पर राहुल ने एक दर्जी वाली कहानी बताई. कहानी लंबी थी और राहुल के मुताबिक मॉरल ऑफ द स्टोरी ये था कि भारत में असल कारीगर को सम्मान नहीं मिलता क्योंकि वो छुपा रहता है और क्रेडिट कोई और ले उड़ता है.
- राहुल ने स्किल्स के नाम पर 'धोबी', 'दर्जी' और 'बढ़ई' शब्दों पर ज़ोर दिया. ये वो पेशे हैं जो पारंपरिक तौर पर पिछड़ी जाति के लोगों के होते थे.

पुराने जमाने की कोका कोला
- देश के बैंकों में लाखों करोड़ों का एनपीए है. लेकिन किसानों का कर्ज माफ नहीं होता.
- कोका कोला. वो शब्द जो आज राहुल के बयान का कीवर्ड बन गया. राहुल ने कहा कि कोका-कोला बनाने वाला अमरीका में शिकंजी बेचता था. पानी में चीनी मिलाता था. उसकी प्रतिभा का सम्मान हुआ, पैसा मिला और एक बड़ी कंपनी बन गई.
- कोका कोला पीने के बाद राहुल ने मैकडॉनल्ड्स का बर्गर भी खाया. राहुल ने कहा कि मैकडॉनल्ड्स शुरू करने वाला व्यक्ति एक समय ढाबा चलाता था.
- इसी तरह राहुल ने फोर्ड, मर्सिडीज़ और होंडा नाम भी लिए. कहा कि ये मैकेनिक थे, कंपनी बना ली. फिर सवाल किया कि हिंदुस्तान में किसी ढाबे वाले या मैकेनिक की कंपनी क्यों नहीं खुली. फिर जवाब दिया कि हमारे ढाबे वालों, धोबियों और मैकेनिकों के लिए बैंक के दरवाज़े बंद हैं.
- राहुल ने पीएम के स्किल इंडिया पर भी तंज कसा. कहा कि मोदी जी कहते हैं कि युवा को स्किल देने की ज़रूरत है. झूठा. ओबीसी वर्ल्ड (ओबीसी वर्ग समझ लीजिए) में स्किल की कमी नहीं है, लेकिन हुनर का आदर नहीं होता.
- पीएम मोदी ओबीसी नेताओं की नहीं सुनते, आरएसएस की सुनते हैं.
- हिंदुस्तान को आगे ले जाना है तो देश की 50-60 फीसदी आबादी (ओबीसी वर्ग की ओर इशारा) को आगे ले जाना होगा, बैंकों के दरवाज़े खोलने होंगे.
- हिंदुस्तान भाजपा के तीन नेताओं और आरएसएस का गुलाम बन गया है.
- हुनर और फायदे को बांटने वाली ताकत का नाम आरएसएस है.
राहुल के आज के बयान में सारा फुटेज एक शब्द खा गया - कोका कोला. लेकिन ये सनद रहे कि तीन राज्यों में चुनाव आ रहे हैं जहां सबसे ज़्यादा आबादी ओबीसी की है. और राहुल ओबीसी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.
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