2016 रियो ओलंपिक्स के बाद से सिंधू ने 6 फाइनल मुकाबले हारे हैं.
2016 के रियो ओलंपिक्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली पीवी सिंधू ने एक और कीर्तिमान रचा है. सिंधू ने बैडमिंटन का सबसे बड़ा खिताब जीत लिया है. ये खिताब है BWF World Tour Finals टूर्नामेंट. ऐसा करने वाली सिंधू इकलौती भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं. यानी इनसे पहले किसी भी भारतीय (मेल/फीमेल) ने ये टूर्नामेंट नहीं जीता था.
संडे को हुए इस खिताबी मुकाबले में सिंधू ने जापान की नोजोमी ओकहुरा को 21-19, 21-17 से हराकर साल का पहला खिताब जीता है. साल 2018 इस शटलर के लिए अच्छा नहीं रहा था क्योंकि वो अभी तक कोई भी टूर्नामेंट नहीं जीत पाईं थी. पिछले साल भी सिंधू इस इवेंट के फाइनल तक पहुंची थीं मगर तब वो दूसरी जापानी खिलाड़ी अकाने यमागुशी से हार गईं थी. मगर इस साल सिंधू पूरे निश्चय के साथ कोर्ट में उतरीं थी और ये जीत हासिल की.

2016 में ओलंपिक मेडल जीतने के बाद सिंधू कई अहम मुकाबलों के फाइनल में जाकर हार रहीं थी. इसी साल हुई एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी यही हुआ. साथ ही वो दो बार वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में जाकर हार गईं. 2018 में सिंधू ने 5 फाइनल्स हारे हैं. मगर इस वर्ल्ड टूर फाइनल्स टूर्नामेंट में सिंधू खुद पर लग रहे इस दाग को धोने उतरीं थी और चीन के शहर ग्वांगज्हू में सिंधू ने ये टूर्नामेंट जीत कर ये काम कर दिया. अब देश के लिए इतनी बड़ी जीत है तो सिंधू को इस जीत के लिए बधाई देने वालों की भी कमी नहीं है. वीरेंद्र सहवाग से लेकर वीवीएस लक्षमण, शूटर जोयदीप कर्माकर, हॉकी प्लेयर विरेन रसक्वीना और कमेंटेटर हर्षा भोगले ने भी सिंधू को बधाई दी है.