The Lallantop

मोबाइल बेचने के लिए होर्डिंग पर लगा दी मोदी-योगी की फोटो, UP के मंत्री का भाई फंस गया

इस पर मंत्री जी ने क्या कहा है?

Advertisement
post-main-image
लखनऊ में इस तरह के होर्डिंग लगाए गए हैं. फोटो- आजतक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीरों के साथ कुछ होर्डिंग यूपी में लगाए गए. इन होर्डिंग्स में एक मोबाइल का प्रचार था. दावा था स्वदेशी मोबाइल का. नारा था आत्मनिर्भर भारत का. होर्डिंग्स पर मंत्री और विधायकों की भी तस्वीरें थीं. सवाल उठा कि क्या सरकार इस मोबाइल का प्रचार कर रही है? जिसके बाद एक FIR लखनऊ में दर्ज हुई है और जांच शुरू हो गई है. हम खबर पर आगे बढ़ें उससे पहले कुछ चीजों को समझते हैं- # होर्डिंग लगाने वाली कंपनी के सीईओ यूपी के मंत्री कपिलदेव अग्रवाल के भाई हैं. # कंपनी ने लखनऊ के ताज होटल में एक कार्यक्रम किया जिसमें मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने शिरकत की. # इस कार्यक्रम में विधायक नीलिमा कटियार, नीरज वोरा और देवमणि द्विवेदी भी शामिल हुए थे. सबसे पहले FIR की पुष्टि के लिए हमने फोन किया हजरतगंज कोतवाली के SHO श्यामबाबू शुक्ला को. उन्होंने कहा,
"एक मुकदमा दर्ज जरूर हुआ है लेकिन अभी कौन-कौन इसमें मुख्य रूप से दोषी है, ये अंडर इन्वेस्टीगशन है तो बताने की स्थिति में हम नहीं हैं. मामला ये है कि ये लोग, इनब्लॉक जो मोबाइल है, उसमें महत्वपूर्ण, महानुभाव जो लोग हैं उनकी तस्वीरें लगाकर उसको लॉन्च किए हैं. तो कौन इसके पीछे है, कौन इसका लाभ ले रहा है वो जांच में पता चलेगा."
पुलिस ने ये तो माना कि FIR दर्ज हुई है, ये भी कहा कि जांच शुरू हो गई है लेकिन लखनऊ जैसे शहर में होर्डिंग किसने लगाए ये जानकारी पुलिस को नहीं है. खैर, अब बात करते हैं इस कंपनी की जिसने कथित 'स्वदेशी मोबाइल' लॉन्च किया है. कंपनी का नाम है fesschain. क्रंचबेस पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस कंपनी की स्थापना 1 मई, 2019 को हुई और कंपनी के सीईओ का नाम है दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी. https://twitter.com/Inblockmobiles/status/1341755463398875139 मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लॉन्चिंग के दौरान सीईओ ने सीएम योगी से जेवर में कंपनी का प्लांट लगाने के लिए जगह देने की भी अपील की. इनब्लॉक मोबाइल की वेबसाइट के मुताबिक, कंपनी का ऑफिस दिल्ली के अरुणा आसफ अली रोड पर है. लेकिन ये जानकारी नहीं दी गई है कि फिलहाल ये मोबाइल कहां बन रहा है. fesschain की वेबसाइट पर ये जरूर बताया गया है कि कंपनी का ऑफिस नोएडा के सेक्टर 75 में है. https://twitter.com/D_P_tripathii/status/1341331835897303043 दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी सुल्तानपुर के रहने वाले हैं जहां से बीजेपी के विधायक हैं देवमणि द्विवेदी. 22 दिसंबर को लखनऊ के होटल ताज में इस मोबाइल को दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी ने लॉन्च किया. इस भव्य कार्यक्रम में देवमणि द्विवेदी के अलावा नीलिमा कटियार (विज्ञान और प्रौधोगिकी राज्यमंत्री), कपिलदेव अग्रवाल (कौशल विकास राज्यमंत्री), विधायक नीरज बोरा आदि लोग उपस्थित थे. कपिलदेव अग्रवाल पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर की सदर सीट से विधायक हैं. इनके भाई ललित अग्रवाल एडवरटाइज़िंग के बिजनेस से जुड़े हैं. आरोप है कि जो होर्डिंग सूबे में लगी हैं वो मंत्री जी के भाई की कंपनी भारती एडवरटाइजिंग के माध्यम से ही लगी हैं. इसी पर बात करने के लिए हमने फोन किया कपिलदेव अग्रवाल को. उन्होंने कहा,
"सामन्य मैटर था. इसको तो इवेंट बना दिया. कार्यक्रम में हमें बुलाया गया. हम चले गए बस इतना ही हमारा दोष है. कार्यक्रम में मंत्री आदि को बुलाया जाता है. जाते हैं. कंपनी वाले ने फोटो लगा दी, बताइए क्या करें."
इसके बाद हमने सीधा सवाल किया. पूछा कि क्या जिस विज्ञापन एजेंसी ने होर्डिंग लगाए हैं वो आपके भाई की है? उन्होंने कहा,
"हां लेकिन इससे क्या फर्क पड़ता है. काम तो कोई और कर रहा है. सभी कोई ना कोई काम करते हैं. ये बिल्कुल कोई मैटर नहीं है."
अब सवाल ये है कि क्या कोई ब्रैंड अपने प्रचार के लिए जनप्रतिनिधि या सीएम, पीएम की तस्वीर का इस्तेमाल कर सकता है? आपको याद होगा कि कुछ वक्त पहले जियो और पेटीएम ने प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल अपने विज्ञापन में किया था. इसके बाद दोनों कंपनियों को माफी मांगनी पड़ी थी क्योंकि उपभोक्‍ता मामलों के मंत्रालय के दिशानिर्देशों के मुताबिक, पीएम की तस्वीर से व्यवसायिक लाभ नहीं लिया जा सकता है. इस पूरे प्रकरण से कुछ सवाल उठते हैं? जैसे कंपनी फिलहाल अपने मोबाइल कहां बना रही है? कंपनी के ये मोबाइल फिलहाल किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध क्यों नहीं हैं? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी दुबई से इस मोबाइल के पुर्जे लेकर उन्हें असेंबल कर रही है, ऐसे में मेक इन इंडिया का दावा क्यों? कंपनी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की तस्वीरों का इस्तेमाल अपनी होर्डिंग्स में क्यों किया? इन तमाम सवालों का जवाब जानने के लिए हमने कंपनी के सीईओ दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी को क्रंचबेस पर उपलब्ध नंबर पर फोन किया जो नॉट रीचेबल है. अगर उनका कोई पक्ष इस मामले में आता है तो वह भी हम आपको बताएंगे.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement