पाकिस्तान में एक बड़े पत्रकार हैं नज़म सेठी. वो वहां जियो न्यूज के शो 'आपस की बात' को होस्ट करते हैं. किसी गंभीर या संवेदनशील मुद्दे पर अंदरखाने की खबर देते समय जब नज़म से हवाला मांगा जाता है, तो वो कहते हैं, 'मेरी चिड़िया वहां गई थी, वही खबर लाई है.' अपने सूत्रों को नज़म चिड़िया का नाम देते हैं. एक चिड़िया हमारे पास भी है. वो नज़म की चिड़िया जितनी चमत्कारी भले न हो, पर काम खूब आती है.
मोबाइल खराब हो, तो वो काम करो, जो इस लड़के ने किया
नया मोबाइल पाने का भन्नाट तरीका.


ट्विटर की चिड़िया.
हैशटैग आर्मी खड़ी करने और पॉइंट-टू-पॉइंट बात कहने के अलावा ट्विटर एक और काम में आता है. प्रॉब्लम सॉल्व करने के काम. पार्सल अटक गया है, तो ऐमजॉन को ट्वीट कर दीजिए. काम हो जाएगा. ट्रेन में कोई समस्या है, तो सुरेश प्रभु को ट्वीट कर दीजिए. काम हो जाएगा. विदेशमंत्री सुषमा स्वराज ने तो कितनों के पासपोर्ट और वीजा क्लियर करा दिए. ट्वीट देखकर. इस बार यूपी पुलिस की डायल 100 सर्विस ने एक नज़ीर पेश की है.
ये एकदम कूचीकू वाली फीलिंग थी. हम पुलिस को खूब कोसते हैं कि वो अपना काम नहीं करती, लोगों से ढंग से बात नहीं करती. लेकिन ये तो मानना पड़ेगा कि लोगों में पुलिस का डर अब भी है. ये भय इतना संत-प्रवृत्ति का है कि बना रहना चाहिए. अगर लोग इसी तरह अपनी गलतियां मानने-सुधारने लगें, तो पुलिस को भी कम मशक्कत करनी पड़ेगी.
अरे पिंटू कराओ रे जरा ढाई सौ वाला नेट रीचार्ज...






















