अपने पीएम नरेंद्र मोदी विदेशी दौरे पर जाते हैं. सरकार के मंत्री भी काम पड़ते ही जाते ही हैं. अब सोचिए बीते एक साल में मोदी सरकार के विदेशी दौरे से अपने कितने रुपये खर्च हुए होंगे. अंदाजा लगाइए.
1 करोड़ कर दूं. 10 करोड़ कर दूं. 100 करोड़ कर दूं. 500 करोड़ कर दूं. मजाक खत्म करता हूं मितरों, 567 करोड़ कर दिए खर्च. हमने नहीं, पीएम नरेंद्र मोदी और कैबिनेट मंत्रियों ने.
फाइनेंशियल ईयर 2015-16 में ये खर्च किया है मोदी सरकार और उनके मंत्रियों ने. 2014-15 के खर्चे से करीब 80 पर्सेंट ज्यादा. और हां, ब्यूरोक्रेट्स के विदेशी दौरों से सालाना खर्च होने वाले 500 करोड़ रुपये इसमें शामिल नहीं हैं. द टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, मोदी कैबिनेट के विदेशी दौरों के लिए पहले से करीब 269 करोड़ रुपये फिक्स थे. पर बीते एक बरस में खर्च हुए 567 करोड़ रुपये. ब्यूरोक्रेट्स की विदेशी यात्राओं से भी बजट पर करीब 1500 करोड़ रुपये का एक्सट्रा बोझ पड़ा.
अच्छा इतनी खबर पढ़कर जो लोग मोदी को तिरछी नजर से देख रहे हैं वो रुकें. क्योंकि मनमोहन सिंह, आई मीन सोनिया गांधी वाली यूपीए-2 सरकार के बख्त भी 2009-10 और 2013-14 में करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च किए.
जबकि एनडीए सरकार का 2014-15 से 2016-17 के बीच 1140 करोड़ रुपये का ट्रेवल बिल एस्टीमेटेड है. इस ट्रैवल बिल में मिनिस्टर्स ऑफ स्टेट, वीवीआईपी के लिए यूज किए एयरक्राफ्ट के लिए हुआ खर्च भी शामिल है.