तो अब काम की बात जानिए. ये तस्वीर है 15 साल पुरानी. साल 2002 की. तब लीबिया में एक फैशन शो हुआ था जिसमें अपने यहां से मॉडल्स गई थीं. कटरीना उन्हीं में से एक थीं. तब लीबिया में तानाशाह मुआमार गद्दाफी की चलती थी. तो एक तस्वीर मॉडल्स ने उनके साथ भी खिंचवा ली. जो असल तस्वीर थी उसमें कैटरीना के साथ नेहा धूपिया, आंचल कुमार, अदिती गोवित्रीकर और शमिता सिन्हां भी हैं. इनमें से शमिता सिन्हा ने तस्वीर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड की थी.

शमिता सिन्हा के इंस्टाग्राम अकाउंट से
गद्दाफी का उन दिनों भौकाल था. तानाशाहों का होता भी है, लेकिन गद्दाफी का लेविल ज़रा अलग होता था. ग्लैमर की उनकी अपनी परिभाषा थी और गज़ब का उनका स्टाइल स्टेटमेंट था. कर्नल थे, (उन्होंने कभी जनरल बनना चाहा नहीं, कर्नल होकर ही जनरलों की क्लास लेते थे) तो सजी-धजी फौजी यूनिफॉर्म पहनते थे. और जब यूनिफॉर्म नहीं तो छांट कर कपड़े पहनते. काला चश्मा हमेशा होता.

गद्दाफी, 2008 में (फोटोःरॉयटर्स)
आजीवन कर्नल रहना गद्दाफी का अकेला निरालापन नहीं था. ग्लैमर का एक मतलब गद्दाफी के लिए फीमेल बॉडी गार्ड्स रखना भी था.

फोटोःपिनटरेस्ट
लेकिन ये भौकाल गद्दाफी के काम नहीं आया जब वहां जैस्मिल रेवोल्यूशन शुरू हो गई. लोगों ने कसम खा ली कि सब चलेगा पर गद्दाफी नहीं चलेगा. पर गद्दाफी थे जिद्दी, अपने ही लोगों से लड़ लिए. गृहयुद्ध छिड़ गया देश में. फिर वही हुआ जो मिडिल ईस्ट में हो जाया करता है. अमरीका आ गया. लॉन्ग स्टोरी शॉर्ट का मजमून कुछ यूं है कि गद्दाफी की गद्दी भी गई और जान भी.
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