दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने एक सितंबर को 100 रूपये के PAYTM ट्रांजैक्शन के जरिए चार करोड़ रुपये की चोरी का पर्दाफाश किया. चोरी दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से हुई थी. चोरों ने नकली पुलिस बनकर वारदात को अंजाम दिया था. चोरों को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक चोरी किए गए गहनों की कीमत 4 करोड़ रूपये है.
चार करोड़ के गहने लूटकर भाग गए, पुलिस ने 100 रुपये के पेटीएम ट्रांजैक्शन से चोरों को धर लिया!
पूरी कहानी ऐसी है कि एक क्राइम एपिसोड बन जाएगा.


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 31 अगस्त की सुबह करीब 4-5 बजे के बीच 4 लोगों ने नकली पुलिस बनकर एक कुरियर कंपनी के दो कर्मचारियों को लूट लिया. चोरों ने कर्मचारियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर उनसे जूलरी कंसाइमेंट छीना और फरार हो गए. पुलिस को इस लूट की जानकारी सुबह 4 बजकर 49 मिनट पर एक PCR कॉल के जरिए मिली. जिनके साथ लूट हुई, वो एक प्राइवेट कंपनी में काम करतें हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, ये कंपनी महंगे सामान, जैसे महंगी जूलरी और महंगी कलाकृतियां डिलीवर करने के लिए जानी जाती है. शिकायतकर्ता ने बताया कि वो और उनके साथी कर्मचारी सुबह 4:30 बजे के करीब चंडीगढ़ और लुधियाना के लिए जाने वाला कंसाइमेंट लेकर ऑफिस से निकले और अपनी गाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, जब चोरों ने वारदात को अंजाम दिया.
छान-बीन के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास लगे CCTV कैमरे खंगाले. जांच के दौरान पता चला कि आरोपी पिछले पंद्र दिनों से रेकी कर रहें थे. पुलिस ने बताया,
‘वीडियो में एक आरोपी सुबह के वक्त एक चाय के स्टाल पर चाय पी रहा है. कुछ देर बाद वो एक प्राइवेट कैब को रोकता है और कैब ड्राइवर से कुछ बात करता. जिसके बाद आरोपी कैब ड्राइवर से 100 रुपये लेता है. ड्राइवर से बात करते वक्त आरोपी मोबाइल चलाता दिख रहा था. ये देखने के बाद पुलिस ने सबसे पहले चाय स्टाल के मालिक से बात की . स्टाल के मालिक ने बताया कि आरोपी ने उसके यहां चाय पी थी और उसके पास कैश नहीं था.’
चाय स्टाल के मालिक ने पुलिस से इस बात की पुष्टि कि आरोपी ने एक प्राइवेट कैब को रोका था और कैब ड्राइवर को 100 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर उससे कैश लिया था. एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया,
' कैब ड्राइवर की सारी जानकारी मिलते ही पुलिस ने उससे पूछताछ की. कैब ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उसने PAYTM के जरिए आरोपी से 100 रुपये लिए थे. जिसके बाद पुलिस PAYTM हेडक्वार्टर पहुंची, जहां से एक आरोपी का नंबर मिला. पता चला कि वो आरोपी नजफगढ़ का रहने वाला है.'
पुलिस टीम के नजफगढ़ पहुंचने से ठीक पहले सारे आरोपी फरार हो चुके थे. एक अफसर ने बताया कि टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस को आरोपियों के फोन नंबर मिले. जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को ट्रैक किया. पता चला कि आरोपी जयपुर में एक फ्लैट में छुपे हुए हैं. वहां से उनको गिरफ्तार कर लिया गया.
(ये स्टोरी हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहे आर्यन ने लिखी है.)
वीडियो- दिल्ली मेट्रो में लड़की का यौन शोषण कर भागा आदमी, पुलिस ने इस तरह ढूंढा कि एक क्राइम एपिसोड बन जाएगा















.webp?width=120)

.webp?width=120)
.webp?width=120)


