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बंटवारे में बिछड़ा था भाई, 74 साल बाद अपनी बहन से मिला, देखकर खूब रोए, ये कहानी आंसू निकाल देगी

अब बहन की उम्र 74 साल और भाई 80 के हो गए हैं

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पाकिस्तानी आर्मी की जल्दबाजी में गुरमैल सिंह भारत में ही रह गए थे | फोटो: आजतक

एक बहन अपने भाई से 74 साल बाद मिली. बंटवारे के दौरान भाई भारत में रह गया था और बहन सरहद के उस तरफ पाकिस्तान में थी. रविवार, 6 अगस्त 2023 की शाम को दोनों भाई-बहन करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर एक-दूसरे से मिले. मुलाकात के दौरान दोनों गले मिले और काफी देर तक एक-दूसरे को देखकर रोते रहे.

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कैसे अलग हो गए थे भाई बहन? 

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक ये कहानी है पाकिस्तान में जन्मी सकीना की. 1947 में बंटवारे के समय सकीना का परिवार लुधियाना में रहता था. बंटवारे के समय सकीना का परिवार पाकिस्तान आ गया, जबकि उनकी मां भारत में ही गईं. आजादी के बाद दोनों देशों में समझौता हुआ कि लापता लोगों को एक-दूसरे को लौटा दिया जाएगा.

उनके पिता की अपील पर पाकिस्तान की आर्मी के लोग उनकी मां को लेने लुधियाना पहुंचे. जब आर्मी पहुंची तो सकीना का 5 साल का भाई गुरमैल सिंह ग्रेवाल घर में नहीं था. पाकिस्तानी आर्मी की जल्दबाजी में गुरमैल भारत में ही रह गया. आजादी के बाद पाकिस्तान में सकीना का जन्म हुआ.

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अचानक भाई का पता कैसे लगा?

सकीना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शुरुआत में उसके भाई ने परिवार को कई पत्र भेजे. धीरे-धीरे भाई के पत्र आने भी बंद हो गए. सकीना के मुताबिक जब वो बड़ी हुईं तो उनके पिता ने भाई की तस्वीर दिखाई. पिता ने उन्हें बताया था कि भाई लुधियाना में रहता है.

सकीना ने बताया कि उसने बड़े होकर भाई को खोजने की कोशिश की, लेकिन कुछ पता नहीं लगा. हाल के सालों में सकीना के दामाद ने फिर से उनके भाई की खोज शुरू की. इस बात की जानकारी पाकिस्तानी यूट्यूबर नासिर ढिल्लन को मिली. उन्होंने सकीना का एक वीडियो बनाया. इस वीडियो में सकीना ने अपने भाई को खोजने की अपील लोगों से की. इस वीडियो को लुधियाना के जस्सोवाल सूदन गांव के सरपंच जगतार सिंह ने देखा. उन्होंने गुरमैल सिंह को पहचान लिया. इस तरह सकीना को अपने भाई गुरमैल का पता लगा.

बीते साल के अंत में 74 साल की सकीना की पहली बार 80 साल के अपने भाई गुरमैल से वीडियो कॉल पर बात हुई. सकीना और गुरमैल के परिवार ने करतारपुर साहिब में मिलने की प्लानिंग की. और फिर दोनों भाई-बहन रविवार, 6 अगस्त को एक-दूसरे से मिले. अब इन दोनों को उम्मीद है कि भारत-पाकिस्तान की सरकारें उन्हें वीजा देंगी, ताकि दोनों भाई-बहन जिंदगी के कुछ दिन एक-दूसरे के साथ गुजार सकें.

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