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पाकिस्तानी मीडिया नोट बैन की फैन हो गई है, हैरान करने वाली बातें हो रही हैं

मोदी विरोधी पाकिस्तानी मीडिया ने अपने यहां भी इस स्टेप की मांग की.

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नरेंद्र मोदी और राबिया अनम
ऐसा भारत-पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार हो रहा है, जब नरेंद्र मोदी का कट्टर विरोधी पाकिस्तानी मीडिया मोदी का गुणगान कर रही है. दरअसल भारत के प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी के हजार-पांच सौ के बड़े नोटों के बैन वाले फैसले की पाकिस्तान में खूब तारीफ हो रही है. जबकि भारत में इस मुद्दे को लेकर लोगों में अलग-अलग रिएक्शन है. बहुत से लोग सरकार के इस स्टेप की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ लोग सरकार की आलोचना कर रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिनका कहना है कि स्टेप तो सरकार ने सही उठाए हैं, पर पहले से पूरी तैयारी नहीं की गई. पर पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि इससे इंडिया में ब्लैक मनी पर रोक लगेगा. और पाकिस्तान में भी नवाज शरीफ से ऐसे स्टेप की मांग की जाने लगी है. आइए देखते है इस मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के चार मुख्य न्यूज चैनल्स में हुई चर्चा को.

1. अब काला धन ढोने लिए जहाज चाहिए होगा

पाकिस्तान के सबसे पॉपुलर शोज में से एक है  'मुकाबला'. जो कि दुनिया न्यूज पर आता है. उसमें कहा जा रहा है कि मोदी के इस कदम से ब्लैक मनी का मसला खत्म हो जाएगा. पांच सौ और हजार के नोट से घूस देने में भी आसानी होती है. पर सौ-सौ के नोट को बड़े घूस के रूप से देने में दिक्कत होएगी. एक पैनलिस्ट क्लासर ने कहा कि "जैसे कि हम अक्सर सुनते हैं कि कराची में फलां आदमी ने घर में एक अरब रुपया छिपा लिया. अगर अपने पाकिस्तान में भी बड़े नोट बैन हो जाएं तो करोड़ों-अरबों रुपया घर में छुपाना मुश्किल हो जाएगा. बड़े नोटों की वजह से लोग करप्शन का पैसा घर के बेसमेंट में भी छुपा के रख लेते हैं पर जब बड़े नोट बंद हो जाएंगे तो करोड़ों-अरबों रुपए बेसमेंट में नहीं छुपा सकेंगे. उन्हें इसके लिए जहाज चाहिए होगा." दूसरे पैनलिस्ट रउफ ने कहा कि "देखिए जी, अमेरिका ने भी डॉलर को कुछ खास नहीं बढ़ाया. इंडिया भी नोटों को बढ़ाने की बजाए छोटा कर रहा है. पर पाकिस्तान तो बढ़ता ही जा रहा है. मैंने बचपन में पैसे-आणे देखे हैं, लेकिन अब तो रुपियों के नोट बढ़ते ही जा रहे हैं. अभी तक पाकिस्तान में पांच हजार तक के नोट आ चुके हैं और ऐसा लगता है कि जल्द ही पचास हजार के नोट भी मार्केट में आ जाएंगे. इसकी सबसे बड़ी वजह है कि पाकिस्तान के सियासतदान ही करप्ट है. और मैं मानता हूं कि मोदी साहब का ये डिसीजन इंडिया के इकॉनमी के लिए बहुत सही है. इससे इंडिया और तरक्की करेगा. देखिए आप भी इस चर्चा को : https://youtu.be/OT0HpSCYi7c  

2. ये बहुत बड़ी कामयाबी है हिन्दुस्तानी हुकूमत की, पर हमारे यहां ये मुश्किल है

"खबरदार" पाकिस्तान के न्यूज चैनल 'एक्सप्रेस न्यूज' पर आता है. जिसे पाकिस्तान के मशहूर एंकर आफताब इकबाल होस्ट करते हैं. इस शो में आफताब कह रहे हैं "इंडिया ने तो नोट बैन कर दिया है, यहां भी होना चाहिए. जाहिर है कि किसी बंदे को पांच करोड़ रिश्वत लेनी है तो उसे कहें जी कि पचास-पचास के नोट हैं, तो क्या ट्रक लोड कर घर ले जाएंगे. घूस लेने वालों कि चले तो ये एक-एक करोड़ का नोट चला दें. आप ये देखें न जी कि इंडिया में नोट बैन का फायदा क्या होगा. मोदी की ये मूव मैं समझता हूं कि शानदार थी. यानि कि तीन दिन के अंदर दो हजार अरब रुपया सिस्टम में आ गया. ये बहुत बड़ी कामयाबी है हिन्दुस्तानी हुकूमत की. हमारे यहां ये मुश्किल है. हमारे यहां करप्शन का लेवल थोड़ा ज्यादा है. क्योंकि करप्शन जो कर रहे हैं न, वो हाई लेवल पर बैठे हैं. देखिए खबरदार पाकिस्तान के इस वीडियो को : https://www.youtube.com/watch?v=13_cYtkBn3Q

3.पाकिस्तान में यहां के सियासतदान ही ब्लैक मनी के मसीहा हैं, वो कैसे इतने दिलेर स्टेप ले सकते हैं

जियो न्यूज के 'लाइव डिबेट' में नोट बंदी के मुद्दे पर गुफ्तगू की गई. डिबेट में न्यूज एंकर आयशा ने अपने पैनलिस्ट से कहा कि "जब इंडिया ने काला धन रोकने के लिए इतना बहतरीन स्टेप उठाया है तो ऐसा पाकिस्तान में क्यों नहीं हो सकता". इसके जवाब में एक पैनलिस्ट शहजाद चौधरी ने कहा कि "इसके लिए फैसले लेने पड़ते हैं. दिलेर फैसले जैसा कि मोदी ने लिया है. आप देखेंगे कि इंडिया में इस फैसले के बाद करप्ट लोगों के बीच एक जबरदस्त खलबली मच गई है. इंडिया के पंजाब में एक बंदे ने खुदकुशी कर ली. क्योंकि उसके पास ब्लैक मनी था. और वो कुछ समझ ही नहीं पा रहा था कि अब उसका क्या होगा. लेकिन पाकिस्तान में ये हरगिज नहीं हो सकता. यहां जो भी हुकूमत ऐसे फैसले लेगी, वो हुकूमत हिल जाएगी. पाकिस्तान में यहां के सियासतदान ही ब्लैक मनी के मसीहा हैं. वो कैसे इतने दिलेर स्टेप ले सकते हैं. आज पाकिस्तान किस मुश्किलात में खड़ा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाइए कि जो अमीर है वो करप्शन करने में मशगूल है और जो गरीब है वो भी अमीर लोगों के देखा-देखी चोरी-चकारी में लगा हुआ है." इसी डिबेट में दूसरे पैनलिस्ट मजहर ने कहा कि "मैं पाकिस्तानी के बहुत से ऐसे चेहरे को जनता हूं, जिसे मैंने पिछले बीस-पच्चीस सालों के दरम्यान रातों-रात अमीर होते हुए देखा है. वो करप्शन में शामिल रहे हैं. और आज वही लोग सियासत में हैं और करप्शन और ब्लैक मनी को खत्म करने की बात करते हैं. अब समझ लीजिए कि करप्शन के खिलाफ इनके कितने मजबूत इरादे हैं". देखिए इस गुफ्तगू को : https://youtu.be/4ui0rVCM5X4

4. और सब तो ठीक है पर नरेंद्र मोदी को ऐसा नहीं कहना चाहिए था

पाकिस्तान के जाने-माने जर्नलिस्ट रुबीना सेठी और नुसरत जावेद का डॉन न्यूज पर आने वाला पॉपुलर शो है "बोल-बोल पाकिस्तान". इसके एक एपिसोड में दोनों ने नोट बैन के मुद्दे पर जमकर चर्चा की है. इस चर्चा में उनका कहना है कि मोदी ने ये फैसला अपने इकॉनोमिक कंडीशन को इम्प्रूव करने के लिए किया है. भारत के गुरबत का जो एक बड़ा सबब है काला धन, उसके खात्मे के लिए मोदी ने ऐसा किया है. पांच सौ और हजार के जो पुराने नोट हैं उनका अहम किरदार होता है कालाधन में. इस चर्चा के आखिर में दोनों पाकिस्तानी जर्नलिस्ट एक बात से खफा दिखे कि मोदी ने अपने नोट बैन करने की जो घोषणा की, उसमें सीमा पार जैसे शब्द का इस्तमाल किया. जो कि पाकिस्तान के लिए था. उनका कहना है कि और सब तो ठीक है पर नरेंद्र मोदी को ऐसा नहीं कहना चाहिए था. आप भी देखें इस वीडियो चर्चा को : https://www.youtube.com/watch?v=W05IGGZmIVE

ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है 


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