पाकिस्तान ने कराची जेल से 80 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया है. 10 नवंबर की रात को उन सभी मछुआरों को वाघा बॉर्डर पर भारतीय अधिकारियों को सौंपा गया. पाकिस्तानी सरकार के एक अभियान के तहत अवैध विदेशी प्रवासियों और नागरिकों को देश से निकाला जा रहा है. ये रिहाई उसी अभियान का हिस्सा है.
पाकिस्तान ने 80 भारतीय मछुआरों को रिहा किया, कराची जेल में बंद थे सभी
जुलाई तक पाकिस्तान की जेलों में 308 भारतीय कैदी बंद थे. वहीं, भारतीय जेलों में 417 पाकिस्तानी कैदी हैं.


इस बात की जानकारी पाकिस्तान फिशरफोक फोरम (PFF) के महासचिव सईद बलूच ने 10 नवंबर को एक पोस्ट में दी. रिहा हुए 80 भारतीयों में 77 गुजरात से हैं. 59 मछुआरे गुजरात के गिर सोमनाथ से, 15 द्वारका से, दो अमरेली से और एक जामनगर से है. बाकी तीन मछुआरे केंद्र शासित प्रदेश दमन-दीव, दादरा एवं नगर हवेली से हैं.
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान समुद्री सुरक्षा एजेंसी (PMSA) ने सितंबर और नवंबर 2020 के बीच इन 80 मछुआरों को मछली पकड़ते वक्त हिरासत में लिया था. बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
भारतीय मछुआरों के लिए लाहौर की यात्रा की व्यवस्था करने वाले ईधी वेलफेयर ट्रस्ट के फैसल ईधी ने मीडिया को बताया कि सभी मछुआरे घर लौटने को लेकर बहुत खुश हैं. बताया कि उन्होंने सभी को घर ले जाने के लिए कुछ नकद और उपहार भी दिए हैं. सभी को भारी सुरक्षा के बीच अल्लामा इकबाल एक्सप्रेस ट्रेन से भेजा गया. गुजरात के फिशरीज डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अखबार को बताया कि अधिकारियों की एक टीम अमृतसर में मछुआरों का स्वागत करेगी.
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पाकिस्तान और भारत समुद्री सीमा का उल्लंघन करने के आरोप में नियमित रूप से एक-दूसरे के मछुआरों को गिरफ्तार करते हैं. एक जुलाई तक के आंकड़ों के हिसाब से पाकिस्तानी जेल में 266 भारतीय मछुआरे बंद थे. उनमें से दो की अगस्त और अक्टूबर में मौत हो गई थी. वहीं 68 पाकिस्तानी मछुआरे भारत की जेलों में भी बंद हैं.
समाचार एजेंसी PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जुलाई में भारत और पाकिस्तान ने कैदियों की लिस्ट साझा की थी. जुलाई के हिसाब से देखें, तो पाकिस्तान की जेलों में 308 भारतीय कैदी बंद थे. वहीं, पाकिस्तान ने बताया था कि भारतीय जेलों में उसके 417 कैदी हैं. दोनों देशों ने सजा पूरी कर चुके कैदियों को जल्द से जल्द रिहा करने का अनुरोध किया था.



















