'लाश के चचेरे भाई से ब्याह करे कातिल की 9 साल की बहन'
पाकिस्तान की पंचायत का फरमान. आरोपी ने बदलचन समझ वाइफ का किया था मर्डर.
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फोटो क्रेडिट: REUTERS, Symbolic Image
शहर में पैदा हुआ. गांव से ज्यादा ताल्लुक नहीं रहा. 'पंचायत' नाम फिल्मों और खबरों में ही ज्यादा सुनाई पड़ा. ज्यादातर मौकों पर पंचायत की जो छवि मेरे दिमाग में बनी. कम ही ठीक बनी. आज फिर एक पंचायत की खबर आई. पंचायतों के लिए मेरी समझ थोड़ी और पुख्ता हो गई. पर ये पंचायत हमारे यहां की नहीं, पाकिस्तान की है. वहां के पंजाब के बहावलनगर में पंचायत ने अजीबोगरीब फैसला सुनाया. एक मर्डर केस सुलझाने के लिए 9 साल की बच्ची की शादी 14 साल के लड़के से करवाने का फैसला सुनाया. जबरन. उस बच्ची का गुनाह सिर्फ इतना, वो उस बंदे की बहन है. जिसने बीवी को बदचलन समझ उसकी हत्या कर दी थी. लियाकतपुर तहसील में गामु राम नामके बंदे ने 21 फरवरी को अपनी वाइफ बख्तो माई का कत्ल कर दिया था. क्योंकि गामु को शक था कि बख्तो के किसी के साथ नाजायत संबंध हैं. पुलिस ने गामु को अरेस्ट कर लिया. केस चल रहा है. कानून का जो काम था. वो उसने कर लिया. अब यहां एंट्री होती है पंचायत वालों की. पंच बुलाए गए. फैसला हुआ कि गामु की नौ साल की बहन का ब्याह बख्तो माई के चचेरे भाई से करवा दिया जाए. साथ ही बख्तो की फैमिली वालों को गामु डेढ़ लाख रुपये भी दे. शादी की तारीख तय हुई शुक्रवार, 4 मार्च. पंचों को लगा, बदला इससे पूरा होगा. यही इंसाफ होगा. यही सही रहेगा. बिना किसी कानून और इंसानियत की फिक्र किए बिना यही फैसला सुनाया गया. पुलिस ने कहा, 'हमें इस बारे में शिकायत मिली है. हम जांच कर रहे हैं. अगर कोई दोषी पाया गया, तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी'
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