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भारत-चीन में लड़ाई शुरू और 158 भारतीय सैनिकों के शहीद होने का सच ये है

हम चाइनीज झालर बैन करें न करें, पाकिस्तान को चाइनीज खबर जरूर बैन कर देनी चाहिए.

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अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के अभ्यास के दौरान हुए हादसे की वो तस्वीरें, जिनके आधार पर चीन के भारत पर हमला करने की अफवाह फैलाई जा रही है

'हर मआशरे के अंदर एक तहजीब होती है. एक इंसान के अंदर कोई शर्म होती है. एक इंसान के अंदर अदाब होते हैं. किसी की ज़ाती ज़िंदगी के ऊपर इस तरह की बात करते आपको शर्म आनी चाहिए.'

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पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और नेता इमरान खान की कही इन बातों का वीडियो खूब वायरल हुआ था. इंटरनेट पर इस पर खूब जोक्स बने, जैसे जब कोई रिश्तेदार रिजल्ट पूछ ले, तो बच्चे यही जवाब देते हैं. इमरान ने ये बातें किसी रिपोर्टर के सवाल पर झुंझलाकर कही थीं. मगर अफसोस! हमारे पड़ोसी मुल्क का मीडिया हमारे मीडिया से भी गया-गुजरा है.

पाकिस्तान में पिछले तीन दिनों से इस तरह की खबरें घूम रही हैं कि चीन ने सिक्किम बॉर्डर पर भारत पर हमला करके 158 सैनिकों को मार दिया है. वहां के मेनस्ट्रीम मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक इस तरह की खबरों से पटा पड़ा है कि चीन ने भारत के खिलाफ हाथ खोल दिया है. इसमें सबसे आगे तो 'दुनिया न्यूज' था, जिसकी खबर में कहा गया,

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'अहम खबर आपको दे रहे हैं, सिक्किम में चीन और भारत के दरमियान झड़पें शुरू हो गई हैं. चीन ने भारतीय मोर्चों पर रॉकेट फायर कर दिए हैं. हमले में 158 भारतीय फौजी हलाक़ हो गए हैं, जबकि दर्जनों जख्मी हुए हैं. इससे पहले भी ऐसी झड़पें देखने में आईं. शुरुआत भारत की तरफ से की गई थी, जिस पर चीन की सेना की तरफ से जवाब दिया गया.'

दुनिया न्यूज पर ये खबर पढ़ने वाली एंकर ने बाकायदा रिपोर्टर से बात की और उनके रिपोर्टर इमरान बड़े अव्वल दर्जे की चरस पिए बैठे थे. एंकर से उलट कहानी सुनाते हुए इमरान बोले, 'चीनी सैनिकों ने बार-बार भारतीय सैनिकों को सिक्किम के उस इलाके से हटने के लिए कहा था. भारतीय सैनिकों ने जब जगह खाली नहीं की, तो चीनी सैनिकों ने हमला किया.'

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इस खबर पर लोग इसलिए यकीन कर रहे हैं, क्योंकि सिक्किम बॉर्डर पर करीब एक महीने से भारत और चीन की सेना के बीच तनाव चल रहा है. वजह भूटान का डोकलाम इलाका है, जिसे चीन अपना बताकर कंस्ट्रक्शन कर रहा है. भारत इस मामले में भूटान के साथ है. दुनिया न्यूज ने तो इस फर्जी खबर पर एक पैनल बुलाकर बहस भी करा दी, जिसमें पैनलिस्ट अपना-अपना ज्ञान झोंके पड़े थे.

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फिर पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर्स ने मोर्चा संभाल लिया. इन सबने चीन की खूब पीठ थपथपाई.

एक से एक काबिल पाकिस्तानी इस खबर पर गिल्ल होकर घूम रहे थे.

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हंसी तो तब छूट गई, जब इंडिया की ही कुछ वेबसाइट्स इस खबर को चलाने लगीं. कयासों के साथ. देश के बाकी मीडिया का क्लासिफिकेशन तो हो ही चुका है. या तो वो मोदी-भक्त है या कांग्रेसी दलाल.

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और हम लोग तो ठहरे वीरभूमि के वासी. कुछ वेबसाइट्स ने तो भारतीय मीडिया की तरफ से चीन को जवाब भी दे दिया. इनका बस चलता, तो ये 17 जुलाई को इस्लामाबाद भी ले लेते.

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लेकिन, जैसा कि हम सच जानते हैं, ये खबर सच नहीं है. महज एक अफवाह है, जिससे लाखों लोग गुमराह हुए और फिर पाकिस्तानी मीडिया को खूब शर्मिंदगी उठानी पड़ी.

पहले आप वो तस्वीरें देखिए, जिनके हवाले से दुनिया न्यूज ने चीन के भारत पर हमले की खबर चलाई थी. ये रहीं वो चार तस्वीरें:-

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तो क्या है इन तस्वीरों की असलियत

ये तस्वीरें इसी साल 25 मई की हैं, जब अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके में भारतीय सैनिकों की ट्रेनिंग चल रही थी. एक्सरसाइज के दौरान मोर्टार के एक गोले की दिशा बदल गई और वो सेना की पार्किंग में खड़े ट्रकों के पास जा गिरा और ट्रकों में आग लग गई. इस हादसे में एक सैनिक की मौत हो गई थी, जबकि आधा दर्जन से ज्यादा सैनिक घायल हो गए थे. ये कोई हमला या युद्ध नहीं था.

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तब देश के कई मीडिया हाउसेस ने इस खबर को कवर किया था.


हफिंगटन पोस्ट की वेबसाइट पर उस हादसे की खबर
हफिंगटन पोस्ट की वेबसाइट पर उस हादसे की खबर

 


 
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दि नॉर्थ ईस्ट टुडे की खबर
दि नॉर्थ ईस्ट टुडे की खबर

अभी जबकि चीन के हमले की अफवाह फैली हुई है, तो खुद भारतीय सेना की तरफ से आधिकारिक तौर पर बताया गया कि ये पुरानी तस्वीरें हैं, जिनका चीन के साथ मौजूदा सीमा-विवाद से कोई लेना-देना नहीं है.

खुद चीनी मीडिया ने भी इस अफवाह पर पाकिस्तानी मीडिया को हौंका है. वहां के पीपल्स डेली ऑनलाइन में लिखा गया, 'चीनी मीडिया ने इन खबरों की जांच की, जिसमें पता चला कि ये फर्जी खबर है और इसे गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए.'

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भूटान के डोकलाम में जब से भारत-चीन का विवाद शुरू हुआ है, तब से ऐसी कई तस्वीरें और वीडियो आ चुकी हैं. इन वीडियोज में भारतीय और चीनी सैनिक धक्का-मुक्की करते नज़र आते हैं. ये सारे वीडियो पुराने होते हैं, जिन्हें अभी का बताकर बेच दिया जाता है.

पाकिस्तान में बहुत ही कम ऐसी मीडिया वेबसाइट्स थीं, जिन्होंने इस फर्जी खबर की सच्चाई बताई.

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एक और रोचक बात. दुनिया न्यूज की खबर की सच्चाई सबके सामने आ गई, खुद उन्हें भी पता चल गया कि उन्होंने फर्जी खबर चलाई थी, फिर भी उनकी वेबसाइट और यूट्यूब चैनल पर ये खबर और वीडियो अब भी उपलब्ध है. इसे हटाया नहीं गया है.


 
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