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पाकिस्तान: अब कराची में आटे के लिए मची भगदड़ में 11 की मौत, सब महिलाएं और बच्चे

इससे पहले पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मुफ्त आटे के लिए मची भगदड़ में पांच लोगों की मौत हुई थी.

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घटना में मारे गए एक मृतक के परिवार की सदस्य. (तस्वीर- रॉयटर्स)

पाकिस्तान का आर्थिक संकट अब लोगों की जान लेने लगा है. पहले पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मुफ्त आटे के लिए मची भगदड़ में पांच लोगों की मौत हुई. अब ऐसी एक और घटना में करीब एक दर्जन लोगों के मारे जाने की खबर है. इस बार इलाका है कराची जिसे पाकिस्तान का सबसे बड़ा आर्थिक केंद्र माना जाता है. यहां एक फैक्टरी में रमजान के मौके पर कर्मचारियों और उनके परिवारों को आटा और खाने का अन्य सामान मिलना था. लेकिन आयोजन के दौरान वहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए. उनमें भगदड़ मचने से कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है.

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जकात के कार्यक्रम में भगदड़

पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक घटना शुक्रवार, 31 मार्च को कराची के एक औद्योगिक इलाके सिंध इंडस्ट्रियल ऐंड ट्रेडिंग एस्टेट में हुई. यहां एक प्राइवेट कंपनी 'एफके डाइंग' अपने कर्मचारियों के परिवारों को जकात का सामान बांट रही थी. जकात के मतलब को लेकर इस्लामिक गुरुओं और स्कॉलर्स के अपने-अपने व्याख्यान हैं. अभी यही समझिए कि अपने पास जो है, उसका कुछ हिस्सा दान में देना.

कराची की पुलिस ने एक बयान में बताया है कि अब तक 11 मृतकों की पुष्टि हो चुकी है. इनमें आठ महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं. घायलों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है. एक स्थानीय पुलिस अधिकारी फिदा हुसैन ने अखबार को बताया कि एफके डाइंग नाम ने जकात के लिए अपने कर्मचारियों के परिवारों को बुलाया था. अधिकारी के मुताबिक कंपनी ने जितने लोगों को फैक्टरी में बुलाया था उससे कहीं ज्यादा लोग जकात लेने पहुंच गए थे. फिदा हुसैन ने कहा कि उन लोगों की संख्या सैकड़ों में थी जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं.

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अधिकारी के बयान से संकेत मिलता है कि शायद जकात की अफवाह इलाके में फैली जिसके बाद बड़ी संख्या में महिलाएं सामान लेने पहुंच गईं. उन्हें काबू करने का इंतजाम नहीं था, इसलिए कंपनी के स्टाफ ने फैक्टरी के गेट बंद कर दिए. अखबार के मुताबिक इससे फैक्टरी में गर्मी और घुटन बढ़ गई. कई महिलाएं बेहोश होकर गिर पड़ीं. बेचैनी बढ़ी तो लोगों में भगदड़ मच गई जिसने कइयों की जान ले ली.

पुलिस के मुताबिक कंपनी के मालिक ने जकात का आयोजन किया था. लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे. पुलिस का कहना है कि घटना के वक्त मालिक फैक्टरी में मौजूद नहीं था. मामले की जांच शुरू कर दी गई है. सिंध प्रांत के मंत्री सईद गनी ने सात लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है.

उधर घटना पर सियासत शुरू हो चुकी है. विपक्षी पार्टी PTI के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट फवाद चौधरी ने मौजूदा सरकार को जमकर कोसा. बोले कि ये हादसा पाकिस्तान के मौजूदा आर्थिक हालात का उदाहरण है. वहीं पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने एक बयान जारी कर घटना पर गंभीर चिंता जाहिर की है. उसने कहा है कि घटना पाकिस्तान के वंचित लोगों का अपमान है जो अमीर और ताकतवर लोगों की वजह से पैदा हुए आर्थिक अन्याय को झेल रहे हैं.

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