ईरान की जंग के बीच दुनिया में पेट्रोल-डीजल का संकट गहराता जा रहा है. दुनिया का 20% तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है. लेकिन इस रूट पर ईरानी नाकेबंदी होने की वजह से सप्लाई ठप पड़ गई है. पाकिस्तान भी इससे अछूता नहीं है. वहां पेट्रोल डीजल के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है. पेट्रोल के दामों में जहां 42.7%, वहीं डीजल के दामों में 54.9% की बढ़ोतरी हुई है. अब वहां पेट्रोल 458.40 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर मिल रहा है. जबकि डीजल 520.35 पाकिस्तानी रुपये पर बिकेगा. नई कीमतें 3 अप्रैल, 2026 से लागू होंगी.
पेट्रोल 458 और डीजल 520 रुपये लीटर हो गया, इस देश में हालात बहुत बुरे हो गए
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा है कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के कारण यह बढ़ोतरी हुई है. इसे टाला नहीं जा सकता था.


पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा है कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के कारण यह बढ़ोतरी हुई है. इसे टाला नहीं जा सकता था. वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा,
‘अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद इंटरनेशनल मार्केट में कीमतें बेकाबू हो जाने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी करना जरूरी हो गया था.’
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2026 में पाकिस्तान ने युद्ध के कारण तेल की कीमतें बढ़ने का हवाला देते हुए, डीजल और पेट्रोल की कीमतों में पहले ही लगभग 20% की बढ़ोतरी की थी. इस ताजा बढ़ोतरी से देश की आबादी पर और अधिक बोझ पड़ेगा. पाकिस्तान तेल के इंपोर्ट पर बहुत अधिक निर्भर है. उसका तेल मुख्य रूप से सऊदी अरब और UAE से आता है. ये तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए ही सप्लाई होता है.
लोगों पर बोझ कम पड़े, इसके लिए वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने राहत पैकेज की घोषणा की है. सरकार ने टू-व्हीलर वालों को तीन महीने तक, प्रति माह 20 लीटर की सीमा तक, 100 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी देने का फैसला किया है. साथ ही उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए एक सपोर्ट पैकेज की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि छोटे किसानों को प्रति एकड़ 1,500 रुपये की एकमुश्त सब्सिडी मिलेगी. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की जीडीपी में लगभग 24% का योगदान कृषि का है. ऐसे में ये सेक्टर देश की फूड सिक्योरिटी के लिए बहुत जरूरी है.
पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा कि सरकार ने पिछले तीन हफ्तों में 129 अरब रुपये की सब्सिडी दी है. लेकिन इस तरह की मदद जारी रखना अब आर्थिक रूप से संभव नहीं है. उन्होंने कहा, ‘चूंकि संसाधन सीमित हैं और इस युद्ध का कोई अंत भी नजर नहीं आ रहा है, इसलिए हर किसी को एक जैसी सब्सिडी देना जारी रखने का कोई तरीका नहीं था.’
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