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हॉर्मुज खुलवाने के लिए ब्रिटेन ने करवाई मीटिंग, भारत बोला- 'हम अकेले जिसने वहां अपने नागरिक खोए'

ब्रिटेन की अगुवाई में यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा गलियारों में से एक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को ईरान ने बंद कर दिया है. भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत ‘Strait of Hormuz’ में अपने नागरिकों को खोने वाला एकमात्र देश है. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर भारत का क्या रुख है? उन्होंने यह भी बताया.

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इस बैठक में 60 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया. (फोटो: रॉयटर्स/एक्स)

ब्रिटेन ने ‘होर्मुज संकट’ से निपटने के लिए गुरुवार, 2 अप्रैल को एक वर्चुअल मीटिंग बुलाई, जिसमें 60 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया. इस मीटिंग में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भारत का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने कहा कि भारत ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में अपने नागरिकों को खोने वाला एकमात्र देश है. विदेश सचिव ने भारत का रुख दोहराते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे झगड़े को सुलझाने के लिए डिप्लोमेसी ही सबसे सही रास्ता है.

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न्यूज एजेंसी ने विदेश मंत्रालय (MEA) के हवाले से यह जानकारी दी. बयान में बताया गया कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में अपने नाविकों को खोने वाला भारत एकमात्र देश है. भारत के शिपिंग डायरेक्टरेट जनरल के मुताबिक, अब तक कम से कम तीन भारतीय नाविक होर्मुज स्ट्रेट में हुए हमलों में मारे गए हैं, जो विदेशी झंडे वाले व्यापारी जहाजों पर काम करते थे. मंत्रालय ने कहा, 

"विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि तनाव कम करके और सभी संबंधित पक्षों के बीच डिप्लोमेसी और बातचीत के रास्ते पर वापस लौटकर इस संकट से बाहर निकला जा सकता है."

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India Joins UK-led Hormuz Talks
(फोटो X/ANI)

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ईरान और दूसरे देशों के साथ बातचीत कर रहा है. ब्रिटेन की अगुवाई में यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा गलियारों में से एक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को ईरान ने बंद कर दिया है. 

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मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई कि कौन-कौन से कूटनीतिक और राजनीतिक कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि समुद्री रास्ते को फिर से खोला जा सके, फंसे हुए जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और जरूरी सामानों की आवाजाही फिर से शुरू हो सके. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत भी शिपिंग मार्गों को खुला रखने के लिए पश्चिम एशिया के देशों के साथ बातचीत कर रहा है.

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दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका को इस मीटिंग में शामिल नहीं किया गया. एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट खुलवाना अमेरिका का काम नहीं है. ट्रंप ने कहा कि जिस देश को दिक्कत हो, वह खुद यह समुद्री रास्ता खुलवा ले.

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