पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व पीएम इमरान खान (Imran Khan) हमले के बाद पहली बार सामने आए. उन्होंने शुक्रवार, 4 नवंबर को लाहौर के अस्पताल से ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने दावा किया कि उन्हें एक दिन पहले ही पता चला गया था कि उन पर हमला होने वाला है. खान ने बताया कि 2 हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाईं और उनके पैरों में चार गोलियां लगीं.
हमले के बाद पहली बार जनता के सामने आए इमरान खान, बोले- 'मुझे अटैक का पता था'
इमरान खान बोले- 'धार्मिक कार्ड का इस्तेमाल कर मेरे खिलाफ बंद कमरे में रची गई थी साजिश'


इमरान खान ने हमले की साजिश के बारे में बताते हुए कहा,
"मुझे हमले के एक दिन पहले पता लग गया था कि या तो वजीराबाद या कहींं और उन्होंने मुझे मारने की योजना बनाई है... चार लोगों ने बंद दरवाजों के पीछे मुझे मारने की साजिश रची. मेरे पास वीडियो है, यदि मुझे कुछ हुआ तो वीडियो जारी कर दिया जाएगा. सब प्लान के तहत हुआ है, लेकिन ये डिजिटल दुनिया है कुछ छिप नही सकता."
इमरान खान को गोली मारने के आरोपी ने पकड़े जाने के बाद बताया था कि अजान के समय इमरान लाउड स्पीकर बजाकर शोर किया करते थे, इसलिए नाराज होकर उन्हें गोली मार दी. हमलावर के इस बयान पर इमरान खान ने शहबाज शरीफ सरकार पर धार्मिक कार्ड के जरिए हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा,
'धार्मिक कार्ड का इस्तेमाल कर सलमान तासीर की तरह मेरी भी हत्या की योजना बनाई गई. मैं आम लोगों के बीच से आया हूं, मेरी पार्टी सैन्य प्रतिष्ठान के तहत नहीं बनी है. मैंने 22 साल तक संघर्ष किया है. मैं आपको बता रहा हूं कि शहबाज शरीफ ने अब तक पुलिस एनकाउंटरों में 900 लोगों को मरवाया है.'
इस दौरान इमरान खान ने शहबाज शरीफ सरकार पर मार्शल लॉ का गलत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया. साथ ही कहा कि उन्हें पैसे की दम पर सत्ता से हटाया गया.
इमरान का कहना था,
'Shehbaz Sharif का नौकर है चुनाव आयोग''परवेज मुशर्रफ के समय मार्शल लॉ लिबरल था. आज की सरकार में उस मार्शल लॉ से भी ज्यादा ज्यादती हो रही है. वे जिसको चाह रहे हैं, उन्हें जेल में डाल रहे हैं. पिछले सात महीनों में पत्रकारों के साथ जो हुआ, वो पाकिस्तान के इतिहास में कभी नहीं हुआ. अरशद शरीफ पाकिस्तान के नंबर वन इन्वेस्टिगेटिंग रिपोर्टर थे. वो न घबराए और और न डरे, जो हुआ उसे देश कभी माफ नहीं करेगा. अरशद शरीफ नहीं बिके. उनका परिवार, मैं और कुछ पत्रकार जानते हैं कि वो किसके निशाने पर थे. मुझे सत्ता से हटाने के लिए साजिश रची गई. इसके लिए सरकारी पैसों का इस्तेमाल किया गया.'
इमरान खान ने पाकिस्तान के चुनाव आयोग पर भी बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने साफ़ कहा कि चुनाव आयोग शाहबाज शरीफ सरकार का नौकर है. आयोग ने उन्हें चुनाव में हराने के लिए पूरे प्रयास किए. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने ईवीएम मशीन के जरिए वोटिंग का सुझाव दिया था, लेकिन चुनाव आयोग ने सुझाव नहीं माना.
Imran khan के पैरों में जख्म के 16 निशानबता दें कि गुरुवार, 3 नवंबर को पाकिस्तान के गुजरांवाला के अल्लाहवाला चौक पर पीटीआई के चेयरमैन इमरान खान पर हमला हुआ था. ये हमला तब हुआ जब इमरान का आजादी मार्च का कारवां इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा था. तभी इमरान खान पर हमलावर फैजल भट्ट ने गोलियां चलाईं. हमलावर को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया. दो अन्य लोगों की भी शक के आधार पर गिरफ्तारी हुई है.
इस हमले के दौरान इमरान खान बाल-बाल बचे. गोलियां उनके पैरों में लगीं. जब उन्हें अस्पताल लाया गया तो उनके दोनों पैरो में जख्म के 16 निशान थे. गोली की वजह से दाएं पैर की हड्डी टूट गई. जबकि एक गोली उनके बाएं पैर को छूकर निकल गई.
वीडियो: PTI नेता को नंगा कर पीटने के आरोपी पाकिस्तानी आर्मी ऑफिसर ने इमरान ख़ान पर हमला कराया











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