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पाकिस्तान की माली हालत बेहद खराब, कर्ज में डूब चुका है पूरा देश, सभी मोर्चों पर जूझ रहा

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस साल महज 2.7 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ेगी. सरकार ने शुरू में 3.6 प्रतिशत का टारगेट रखा था. लेकिन पिछले महीने इसे घटाकर 2.7 प्रतिशत कर दिया.

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जल्द ही अपना बजट पेश करेगा पाकिस्तान. (फाइल फोटो- पीटीआई)

‘आर्थिक हालत ठीक न से हमारी’ Aspirants वेब सीरीज़ आपने देखी होगी तो संदीप भैया की ये फेमस लाइन तो आपको याद ही होगी. सेम हालत इन दिनों पाकिस्तान की हो गई है. पूरा देश बुरी तरह से कर्ज़ तले दब चुका है (Pakistan Debt). अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों से कर्ज़ लेने के बावजूद उसकी माली हालत में कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा है. अब ख़बर आई है कि चालू वित्त वर्ष 2024-25 में पाकिस्तान का कर्ज़ बढ़कर 76,000 अरब पाकिस्तानी रुपये हो गया है. नकदी का भी भयंकर संकट है. 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगज़ेब ने सोमवार 9 जून को आर्थिक सर्वे 2024-25 जारी किया. इससे संकेत मिला कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस साल महज 2.7 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ेगी. सरकार ने शुरू में 3.6 प्रतिशत का टारगेट रखा था. लेकिन पिछले महीने इसे घटाकर 2.7 प्रतिशत कर दिया. 

आर्थिक सर्वे के मुताबिक, 76,000 बिलियन पाकिस्तानी रुपये के कर्ज़ में स्थानीय बैंकों से 51,500 बिलियन पाकिस्तानी रुपये और बाहरी स्रोतों से 24,500 बिलियन पाकिस्तानी रुपये की उधारी शामिल है. 

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पाकिस्तान का GDP

उधर, वित्त मंत्री औरंगज़ेब ने कहा कि 2023 में GDP की रफ्तार -0.2 प्रतिशत थी. यह 2024 में बढ़कर 2.5 प्रतिशत हो गई है. इकॉनमी सुधर रही है. यह ज़्यादा स्थिर और मज़बूत हुई है. उन्होंने दावा किया कि अगला वित्त वर्ष एक बदलाव की कहानी होगा.

पाकिस्तान का फॉरन रिजर्व

सर्वे में यह भी सामने आया है कि देश का एक्सपोर्ट सिर्फ 27.3 अरब डॉलर है. वहीं इंपोर्ट सिर्फ 48.6 अरब डॉलर है. ये दोनों चीज़ें भी घाटे में ही हैं. पाकिस्तान की विदेशी मुद्रा की बात करें तो 30 जून 2024 तक यह 9.4 बिलियन अमरीकी डॉलर था. अब यह 16.64 अरब डॉलर पहुंच गया है.  इसमें भी 11.5 अरब डॉलर स्टेट बैंक के पास हैं. वहीं बाकी 5.14 बिलियन डॉलर कमर्शियल बैंकों के पास है.

Pakistan Economy
गरीबी का भी है बुरा हाल. (सोशल मीडिया मीम)
पाकिस्तान में गरीबी

बिज़नेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में लगातार ग़रीबी बढ़ रही है. वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि पाकिस्तान की लगभग 45 प्रतिशत आबादी ग़रीबी में रहती है. इसमें 16.5 प्रतिशत को “बेहद गरीब” हैं. आने वाले वित्त वर्ष में विकास की जो रफ्तार पाकिस्तान ने बताई है, उसे वर्ल्ड बैंक ग़रीबी कम करने के लिहाज से नाकाफी मानता है.

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पाकिस्तान में कृषि का भी बुरा हाल

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में कृषि लगभग आधे गरीबों को रोज़गार देता है. लेकिन वर्ल्ड बैंक का मानना है कि क्लाइमेट चेंज ने यहां के कृषि क्षेत्र को काफी प्रभावित किया है. 2025 में देश में कीटों के हमलों और फसल पैटर्न में बदलाव के साथ-साथ बारिश में 40 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. 

इसकी वजह से फसल की पैदावार में गिरावट का अनुमान है. कहा जा रहा है कि कपास की फसल में 29.6 प्रतिशत और चावल में 1.2 प्रतिशत की गिरावट हो सकती है. इसकी वजह से कृषि विकास 2 प्रतिशत से कम पर आ जाएगा. 

सिंधु जल संधि का असर

भारत की ओर से सस्पेंड की गई सिंधु जल संधि का असर भी दिखने लगा है. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में वाटर फ्लो में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है. इसने सिंचाई की कमी को लेकर चिंता बढ़ गई है.

गौरतलब है कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से 38.8 बिलियन डॉलर से ज़्यादा की मदद मिली है. इसमें 25 IMF बेलआउट पैकेज, चीन, खाड़ी देशों और पेरिस क्लब से मदद शामिल है. बावजूद इसके आर्थिक संकेतक कमज़ोर बने हुए हैं. इससे पारदर्शिता और खर्च की प्राथमिकताओं पर सवाल उठ रहे हैं.

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