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'पहलगाम के बाद मशहूर हो गया... सेना भी मुझे बुलाती है', आतंकी ने खुद खोल दी पाकिस्तान की पोल

Pahalgam Terror Attack के मास्टरमाइंड Saifullah Kasuri ने भारत को लेकर भड़काऊ बातें कहीं. उसने दावा किया कि भारत उसकी मौजूदगी से डरा हुआ है. उसने अपने भाषण में पाकिस्तान की भी असलियत बता दी. उसका वीडियो भी आया है.

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सैफुल्लाह कसूरी, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का डिप्टी चीफ है. (फोटो: इंडिया टुडे)
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सुबोध कुमार

पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी ने खुले मंच से कुबूल किया है कि उसके और पाकिस्तानी सेना के बीच गहरे रिश्ते हैं. उसने बताया कि उसे पाकिस्तान की सेना की तरफ से कार्यक्रमों में आने के लिए बुलावा मिलता है. कसूरी ने मंच से भारत को लेकर भड़काऊ बातें भी कहीं. उसने दावा किया कि भारत उसकी मौजूदगी से डरा हुआ है.

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सैफुल्लाह कसूरी, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का डिप्टी चीफ है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के एक स्कूल कार्यक्रम में उसने ये बातें कहीं. कसूरी ने कहा कि सैनिकों के अंतिम संस्कार की नमाज़ पढ़ाने के लिए भी उसे बुलाया जाता है. उसके भाषण का एक वीडियो भी सामने आया है.

आतंकवादी सैफुल्लाह कसूरी ने कहा, “क्या आपको पता है, भारत मुझसे डरता है?” कसूरी का यह बयान पाकिस्तान सरकार के उन दावों के बिल्कुल उलट है, जिनमें वह दुनिया के सामने बार-बार कहती रही है कि वह अपने देश में एक्टिव आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. 

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खुले मंच पर कसूरी की कुबूलनामा यह भी दिखाता है कि आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान जो बातें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर करता है, उनकी सच्चाई क्या है. साथ ही, इससे यह भी साफ होता है कि पाकिस्तानी सेना और आतंकी संगठनों के बीच कितनी गहरी मिलीभगत है.

इससे पहले, कसूरी ने कहा था कि आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर भारत ने ‘गलती की’. उसने खुलकर कहा कि उसका संगठन कश्मीर पर अपने मिशन से कभी पीछे नहीं हटेगा. लश्कर-ए-तैबया के डिप्टी चीफ कसूरी ने एक रैली में यह भी कहा कि पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड बताए जाने के बाद वह मशहूर हो गया है. 

ये भी पढ़ें: पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड की कहानी जो शुरू होती है एक मोबाइल टावर लगवाने से

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बता दें कि भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. इसका मकसद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था. यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 आम नागरिकों की जान चली गई थी.

इसके बाद चार दिनों तक दोनों देशों के बीच ड्रोन और मिसाइल हमले होते रहे. हालांकि, 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच सहमति बनी और इस टकराव को खत्म करने का फैसला किया गया.

वीडियो: पहलगाम हमले के आतंकियों को मदद पहुंचाने वाला कश्मीर से गिरफ्तार

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