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कोरोना में इंडिया की मदद करने के नाम पर चीन ने दिया ये गंदा वाला धोखा!

एक दिन पहले ही भारत की मदद करने का दिया था आश्वासन.

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चीन पहले इंडिया की हर संभव मदद करने का आश्वासन देता है. फिर मेडिकल सप्लाई और ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर लाने वाली फ्लाइट्स ही रद्द कर देता है. फोटो - इंडिया टूडे (प्रतीकात्मक तौर पर)
चीन की सिचुआन एयरलाइंस (Sichuan Airlines) ने इंडिया आने वाली अपनी सभी कार्गो फ्लाइट्स को रद्द कर दिया. वो भी अगले 15 दिनों के लिए. इन कार्गो फ्लाइट्स के जरिए इंडिया की कई प्राइवेट कंपनियां चीन से ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर और अन्य जरूरी मेडिकल डिवाइस मंगाने वाली थी. लेकिन अब इसमें बाधा पड़ गई है. सिचुआन चीन की सरकारी एयरलाइन कंपनी है. इसलिए चीन का ये फैसला चौंकाने वाला भी है. क्योंकि 26 अप्रैल को चीनी एम्बेसी के प्रवक्ता ने स्टेटमेंट जारी किया था. जिसमें उन्होंने संकट की इस घड़ी में भारत की हर संभव मदद करने आश्वासन दिया था. एंबेसी ने अपने बयान के साथ किए गए ट्वीट में लिखा,
भारत इस आपदा से गुज़र रहा है, उनके साथ हमारी सहानुभूति है. चीन पूरी तरह भारत को सपोर्ट करेगा. चीनी कंपनियों को प्रोत्साहित करेगा कि वो भारत में मेडिकल सप्लाई और उससे जुड़ी जरूरी चीज़ें भेजें.
सिचुआन चुआनहांग लॉजिस्टिक कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 26 अप्रैल को अपने सेल्स एजेंट्स के नाम एक पत्र लिखा. बता दें कि ये कंपनी सिचुआन एयरलाइन का ही हिस्सा है. पत्र में बताया गया कि एयरलाइन ने कुल छह रूटों पर अपने कार्गो फ्लाइट रद्द किए हैं. इसमें ज़िआन से दिल्ली का रूट भी शामिल है. भारतीय समाचार एजेंसी पीटीआई को इस लेटर की कॉपी मिली. जिसमें लिखा था,
इस आपदा की वजह से इंडिया में हालात बदल गए हैं. जिस वजह से हम 15 दिनों के लिए फ्लाइट्स रद्द कर रहे हैं. सिचुआन एयरलाइन के लिए ये रूट हमेशा से महत्वपूर्व रहा है. फ्लाइट्स रद्द किए जाने से हमारी कंपनी को भी नुकसान होगा. हम इसके लिए माफी चाहते हैं.
कंपनी ने अपने लेटर में कहा कि 15 दिन बाद फिर से हालात की समीक्षा की जाएगी. इंडिया में चल रही ऑक्सीजन की किल्लत के बीच चीनी एयरलाइन कंपनी का ये फैसला झटका देने वाला है. सिनो ग्लोबल लॉजिस्टिक्स से जुड़े सिद्धार्थ सिन्हा ने पीटीआई को बताया कि भारतीय व्यापारियों की चीनी कंपनियों से एक और शिकायत थी. वो ये कि इस आपदा के बीच उन्होंने मेडिकल डिवाइस की कीमत करीब 35 से 40 पर्सेंट बढ़ा दी. सिर्फ इतना ही नहीं, मालभाड़ा भी करीब 20 पर्सेंट बढ़ा दिया गया. सिद्धार्थ ने आगे बताया कि दोनों देशों के प्राइवेट ट्रेडर्स पुरजोर कोशिश कर रहे थे कि इंडिया में ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर जल्द से जल्द पहुंचाए जाएं. लेकिन अब उनके प्रयासों में बाधा आएगी. रूट रद्द करने के बाद मेडिकल और ऑक्सीजन सप्लाई को सिंगापुर और अन्य देशों से होते हुए भारत पहुंचाया जाएगा. चीनी सरकार का ये फैसला ऐसे समय में आया है, जब इंडिया में ऑक्सीजन सप्लाई की वजह से लगातार लोगों की जानें जा रही हैं. उनके इस कदम से शायद फ़ायदा किसी का ना हो. लेकिन नुकसान तो जरूर हो रहा है.

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