एक तरफ कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष अडाणी मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने में लगा है. विपक्ष लगातार इस मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) बनाने की मांग कर रहा है. वहीं महाराष्ट्र में उद्धव गुट और कांग्रेस की सहयोगी NCP के प्रमुख शरद पवार ने इस पर अपनी सहयोगी पार्टियों से अलग राय रखी है. NDTV को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अडाणी मुद्दे पर JPC की मांग को गलत बताया था. पवार के इस रुख पर सवाल उठने लगे कि क्या ये ‘विपक्ष की एकता में दरार’ का संकेत है. हालांकि, 8 अप्रैल को शरद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सफाई पेश की और बताया कि क्यों वे अडाणी मुद्दे पर JPC की मांग को सही नहीं मानते.
अडाणी के बचाव में शरद पवार का बयान, अब सफाई में बोले- "जो सही लगा, मैंने कहा"
पवार ने कहा था- अडाणी मुद्दे पर JPC की मांग को सही नहीं मानते.


NCP प्रमुख शरद पवार ने अडाणी मुद्दे पर JPC की मांग पर कहा,
JPC की मांग हमारे सभी साथियों ने की, ये बात सच है, मगर हमें लगता है कि JPC में 21 में से 15 सदस्य सत्ताधारी पार्टी के होंगे. जहां ज्यादातर लोग सत्ताधारी पार्टी के हों, वहां देश के सामने सच्चाई कहां तक आएगी.
शरद पवार ने कहा,
मुझे नहीं पता कि हिंडनबर्ग क्या है, एक विदेशी कंपनी इस देश के एक आंतरिक मामले पर एक स्टैंड ले रही है. हमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उसकी ओर से चुनी गई कमिटी से जांच की मांग करनी चाहिए.
शरद पवार ने कहा कि उनके मुताबिक विपक्ष के सामने दूसरे मुद्दे ज्यादा अहम हैं. उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्या पर ध्यान देने की बात कही.
ये भी पढ़ें- हिंडनबर्ग रिपोर्ट और अडाणी पर शरद पवार का बयान राहुल गांधी समेत पूरे विपक्ष को हिला देगा
क्या बोले संजय राउत?राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा है कि JPC को लेकर शरद पवार की अलग राय का मतलब ये नहीं है कि विपक्ष की एकजुटता में कोई दरार है. संजय राउत ने कहा,
अडाणी के बारे में उनकी (शरद पवार की) अलग राय हो सकती है. अडाणी मामले पर चाहे तृणमूल कांग्रेस हो या NCP की अपनी-अपनी अलग राय हो, लेकिन इससे विपक्ष की एकजुटता में कोई दरार नहीं आएगी.
संजय राउत ने कहा कि इससे विपक्ष की एकजुटता में न महाराष्ट्र में दरार आएगी और न ही राष्ट्रीय स्तर पर दरार आएगी. वहीं कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा है कि ये शरद पवार का निजी बयान है, लेकिन जांच के लिए JPC सबसे अच्छा तरीका है.
'मुझे जो सही लगा, मैंने कहा'अडाणी मुद्दे पर अपने बयान को लेकर शरद पवार ने कहा,
पता नहीं कौन कहता है कि मेरे इस बयान से 2024 में विपक्ष की एकता पर असर पड़ेगा, मुझे जो सही लगा, मैंने कहा.
विपक्षी एकता के बारे में शरद पवार ने बताया कि अभी सभी विपक्षी दलों की एक संयुक्त बैठक हुई थी. वहां सभी मुद्दों पर चर्चा हुई, कुछ ऐसे मुद्दे थे जिन पर सभी सहमत नहीं थे और सबने अपने-अपने विचार रखे.
वीडियो: अडानी के बचाव में क्यों उतरे शरद पवार? राहुल गांधी को झटका लग गया!



















