तनाव के इस दौर में पीएम मोदी की तरफ से इसकी उम्मीद बेहद कम थी.
इंडिया और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में इन दिनों जो तल्खी है उसे देखकर लगता नहीं था कि प्रधानमंत्री मोदी कुछ ऐसा करेंगे. पुलवामा आतंकी हमले के बाद बालाकोट एयरस्ट्राइक करके तो पीएम मोदी के इरादे साफ हो ही गए थे कि देश पाकिस्तान की इस हरकत को बख्शने के मूड में नहीं है. मगर इसी बीच 22 मार्च की शाम को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक ट्वीट किया और कहा कि पीएम मोदी का एक मैसेज मिला. उसमें लिखा था- "मैं पाकिस्तान के लोगों को उनके नेशनल डे पर बधाई और शुभकामनाएं देता हूं. ये वो समय है जब पूरे भारतीय उपमहाद्वीप के लोग एक साथ मिलकर एक लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और सम्पन्न रीजन के लिए काम करें. जहां आंतक और हिंसा से मुक्त वातावरण हो."
प्रधानमंत्री मोदी के इस संदेश की खबर जब इंडिया में इमरान खान के इस ट्वीट से लगी तो विपक्ष मोदी पर टूट पड़ा. सोशल मीडिया पर भी मोदी पर लोगों ने पीएम मोदी के इस कदम पर निशाना साधा. निशाना साधने वालों में जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस की प्रियंका चतुर्वेदी, नवजोत सिंह सिद्धू और सलमान खुर्शीद समेत कई नेता शामिल हैं. चूंकि प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान के लोगों को ये संदेश अपनी ट्वीट के जरिए नहीं बल्कि आधिकारिक तौर पर भेजा है, अब इंडिया में पाकिस्तान से गुस्साए लोगों को इस पर भरोसा नहीं हो रहा है. इमरान की ट्वीट पर कई लोगों ने कमेंट करके लिखा कि मोदी ने ये संदेश कहां दिया है, इसका क्या सबूत है.

पाकिस्तान में 22 मार्च को नेशनल डे मनाया जाता है. पीएम मोदी के इस संदेश पर हैरानी इसलिए भी हुई क्योंकि इसी दिन इंडिया की तरफ से दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन की तरफ से रखे रेसेप्शन का बॉयकॉट किया गया था. वहीं विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन रवीश कुमार ने कि पाकिस्तान हाई कमीशन के इस फंक्शन का बॉयकॉट करने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि इनकी तरफ से हुर्रियत नेताओं को भी इस फंक्शन में बुलाया गया था. इंडिया और पाकिस्तान के बीच 26 फरवरी से तनाव और बढ़ गया है जब इंडियन एयरफोर्स ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था. वहीं 14 फरवरी को पाकिस्तान से जैश ए मोहम्मद के आतंकियों ने पुलवामा अटैक करके इस पूरे तनाव की शुरुआत की थी. सीआरपीएफ से 40 जवान इसमें शहीद हो गए थे.