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सीताराम येचुरी के बेटे के निधन पर BJP नेता के ट्वीट के बाद का बहाना आपका मूड खराब कर देगा

बहुत असंवेदनशील बात लिखी थी और उतना ही घटिया बहाना बनाया.

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सीताराम येचुरी के 34 साल के बेटे आशीष येचुरी की कोरोना से मौत पर बीजेपी नेता मिथिलेश तिवारी ने बेहुदा ट्वीट किया. बवाल होने पर ट्वीट डिलीट कर दिया. (फोटो-PTI/ट्विटर)
कोरोना की दूसरी लहर में इतनी घातक है कि हर तरफ से मौत की खबरें सुनाई दे रही हैं. अस्पताल से लेकर श्मशान तक लोग इंतजार करते नजर आ रहे हैं. Covid 19 के चलते युवा पत्रकार आशीष येचुरी की भी मौत हो गई. वो गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे. आशीष येचुरी सीपीआई (एम) के बड़े नेता सीताराम येचुरी के बेटे थे. आशीष की मौत पर जहां लोगों ने दुख व्यक्त किया, वहीं बीजेपी के एक नेता ने बेहूदा ट्वीट किया. ट्वीट पर बवाल हुआ तो उसे डिलीट कर दिया. फालतू सा बहाना बनाकर पूरे विवाद से बचने की कोशिश की. दो हफ्ते कोरोना से लड़ कर हारे आशीष आशीष येचुरी 34 साल के थे. वह टाइम्स ऑफ इंडिया, न्यूज 18 में काम करने के बाद फिलहाल न्यूजलॉड्री नाम की वेबसाइट में काम करते थे. कुछ दिनों पहले वो कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे. परिवार का कहना है कि आशीष की रिकवरी हो रही थी, लेकिन गुरुवार सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर अचानक उनकी तबीयत खराब हुई और मौत हो गई.
Ashish Yechuri
34 साल के आशीष येचुरी का दो हफ्ते से कोरोना का इलाज चल रहा था.

आशीष की मौत की सूचना उनके पिता सीताराम येचुरी ने ट्विटर पर दी. उन्होंने लिखा,
'मुझे दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि मेरे बड़े बेटे का कोरोना के कारण निधन हो गया है, मैं उन लोगों को शुक्रिया कहता हूं, जिन्होंने मुझे उसके ठीक होने की उम्मीद दी और उसका इलाज किया, इसमें डॉक्टर, नर्स, फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर शामिल हैं.'
आशीष के निधन पर पीएम मोदी ने भी ट्वीट करके दुख प्रकट किया. उन्होंने लिखा,
सीताराम येचुरी जी और उनके परिवार को उनके बेटे आशीष के असमय निधन पर सांत्वना. ओम शांति

इस ट्वीट ने मूड खराब कर दिया पर एक तरफ जहां लोग एक युवा पत्रकार की मौत का शोक मना रहे थे, वहीं दूसरी तरफ एक बीजेपी नेता ने एक असंवेदनशील ट्वीट कर दिया. बिहार बीजेपी के उपाध्यक्ष मिथिलेश कुमार तिवारी ने ट्वीट किया,
चीन के समर्थक सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी के बेटे आशीष येचुरी का चाइनीज कोरोना से निधन.
इस ट्वीट पर खासा बवाल हुआ. लोगों ने मिथिलेश तिवारी के लिए बेशर्म, असंवेदनशील जैसे शब्द लिखे. उनके संस्कारों पर सवाल उठाए. विवाद बढ़ा तो तिवारी ने वो ट्वीट डिलीट कर दिया. फिर दूसरा ट्वीट किया. एक बहाने के साथ. लिखा कि किसी ने राजनीतिक दुर्भावना के चलते उनका ट्विटर हैक किया और उनके हैंडल से असंवेदनशील ट्वीट कर दिया. ये भी बताया कि पता चलते ही वो ट्वीट डिलीट कर दिया था. फिर सीताराम येचुरी को सांत्वना वाली बातें उन्होंने लिखीं. सीताराम येचुरी के बेटे को लेकर मिथिलेश तिवारी का ट्वीट तो असंवेदनशील था ही. उसके बाद जो बहाना उन्होंने बनाया वो और भी ज्यादा मूड खराब करने वाला था. अकाउंट हैक करने वाला सिर्फ एक ट्वीट करके छुट्टी कर लेगा क्या? ट्वीट बेहूदा था, जब गलती का अहसास हुआ तो माफी मांग लेते, पर एक घटिया बहाना बनाकर उन्होंने खुद अपनी भद्द पिटवा ली. जो कसर थी वो 'मैं इन्हें व्यक्तिगत रूप से जानता हूं...' टेम्प्लेट वाले कमेंट्स ने पूरी कर दी.

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