कपड़ा फैक्ट्री में 19 महिलाओं से जबरन काम कराया जा रहा था, पुलिस ने बचा लिया
तीन महीने की ट्रेनिंग के लिए बुलाया, फिर बंधक बना लिया.
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बाएं से दाएं. Private Garment Factory के बाहर तैनात दो महिला कॉन्सटेबल. रेस्क्यू की गई महिलाएं.
तमिलनाडु के तिरुप्पूर जिले में पुलिस ने 19 महिलाओं को रेस्क्यू किया है. बताया जा रहा है कि इन महिलाओं से एक प्राइवेट गारमेंट फैक्ट्री (Private Garment Factory) में जबरन काम कराया जा रहा था. ये प्राइवेट फैक्ट्री तिरुप्पूर के वेलमपलायम में है. तिरुप्पूर सिटी पुलिस ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है. अंग्रेजी अखबार द हिंदू ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि सभी 19 महिलाएं बालिग हैं और ओडिशा के रायगडा जिले ताल्लुक रखती हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, सभी महिलाएं पिछले साल दिसंबर में तिरुप्पूर आई थीं. और गारमेंट फैक्ट्री में तीन महीने के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल हुई थीं. आरोप है कि ट्रेनिंग पीरियड खत्म होने के बाद उन्हें जबरन फैक्ट्री में रोक लिया गया. न सिर्फ रोका गया, बल्कि जबरन काम भी कराया गया. उन्हें किसी भी तरह का वेतन भी नहीं दिया जा रहा था. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, इन महिलाओं ने रायगडा में अपने पैरेंट्स के पास फोन किया और अपनी हालत के बारे में बताया. जिसके बाद उनके परिवार वालों ने प्रशासन से गुहार लगाई और इन महिलाओं को रेस्क्यू करने के लिए मदद मांगी. इनपुट के आधार पर तिरुप्पूर शहर के पुलिस कमिश्ननर जी कार्तिकेयन ने राजस्व विभाग और इंडस्ट्रियल सेफ्टी डिपार्टमेंट से संपर्क किया. इसके बाद एक पुलिस टीम बनाई गई. जिसने 18 अप्रैल की सुबह फैक्ट्री में छापा मारा. पुलिस टीम को फैक्ट्री में 19 महिलाएं मिलीं. बाद में इन सभी महिलाओं को शहर के ही एक वेडिंग हॉल में कोविड-19 प्रोटोकॉल्स के तहत रखा गया. पुलिस का कहना है कि जल्द ही इन महिलाओं को ट्रेन के जरिए घर पहुंचा दिया जाएगा. दूसरी तरफ फैक्ट्री मालिक के खिलाफ जांच शुरू हो गई है. जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी.
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