1 अप्रैल से 30 सितंबर, 2020 के दौरान राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) का काम होना है. इस प्रक्रिया में असहयोग की संभावना को देखते हुए गृह मंत्रालय ने जुर्माना तय कर दिया है. न्यूज़ एजेंसी PTI के रिपोर्ट मुताबिक़ इस एक्ट के तहत अगर कोई भी व्यक्ति सही जानकारी नहीं देता है या जानकारी देने से मना करता है तो उस पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी कि नागरिकता नियम के 'नियम 17' के मुताबिक़, गलत जानकारी देने पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. अधिकारी ने यह भी बताया कि इस प्रोविजन का इस्तेमाल 2011 और 2015 के NPR में नहीं किया गया था. अधिकारियों ने NPR को लेकर बताया कि इसका ऑब्जेक्टिव देश के नागरिकों का एक डेटाबेस तैयार करना है. इस डेटाबेस में डेमोग्राफिक के साथ-साथ बॉयोमीट्रिक डेटा भी शामिल होंगे. NPR के लिए आंकड़े पिछली बार 2010 में 2011 की जनगणना के तहत घरों की गिनती के दौरान जमा किए गए थे. इन आंकड़ों को 2015 में घर- घर सर्वे के बाद अपडेट किया गया था. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने NPR को अपडेट करने के लिए 3,941.35 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. NPR काम जनगणना 2021 के साथ असम को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किया जाएगा. दिसंबर में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), नेशनल पापुलेशन रजिस्टर (NPR) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में लेखिका अरुंधति रॉय ने लोगों से कहा था कि जब अधिकारी जानकारी मांगने के लिए घर आएं तो उन्हें गलत जानकारी दें.
वीडियो- अमित शाह ने बताया NPR और NRC में क्या संबंध है?
NPR की जानकारी नहीं देंगे तो 1000 रुपये देने को तैयार रहिए
1 अप्रैल से शुरू हो जाएगा NPR अपडेशन का काम.
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फोटो - thelallantop
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