The Lallantop

यहां पोस्ट-ऑफिस के लोग अस्पतालों में पहुंच पैसे बांट रहे हैं!

ऐसी सर्विस मिल जाए तो क्या ही कहना.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
इस समय जिस तरह के हालात हैं, लगता है हम बैंक में लाइन लगा लगा कर ही खर्च हो जाएंगे. घंटों लाइन में लगे रहो तब भी गारंटी नहीं कि पैसे का मुंह देखने को मिलेगा ही. रंग छोड़ने वाले ख़ास नोट लेने के लिए बड़ी मार मची हुई है. कई जगह लोग आपस में लड़ बैठे. लोगों ने तरह-तरह की स्कीम निकाल रखी है. जावेद हबीब सैलून वाले अभी भी पांच सौ-हजार के पुराने नोट ले रहे हैं. पे-टीएम वालों की बाछें खिली हुई हैं. ऐसे समय में कोई आपको बिना लाइन लगाए पुराने नोटों के बदले सौ-सौ के नोट थमा जाए तो? वो भी इमरजेंसी में. तब तो उछल पड़े कोई भी. ऐसा ही कुछ हुआ दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में. यहां भर्ती मरीजों के परिवार वालों के चेहरे खिल गए. हुआ ये कि अस्पताल में कुछ पोस्ट-ऑफिस वाले पहुंच गए. ये लोग गोल डाक-खाना जीपीओ के थे. उनके हाथों में रुपए थे. उन्होंने लोगों के पुराने नोटों के बदले नए नोट दिए और एक हजार, पांच सौ के नोटों के बदले सौ-सौ के नोट भी दिए. वैसे तो सरकार ने कहा है कि अस्पतालों में पुराने नोट लिए जाएंगे लेकिन लोगों को रोज के खर्चे और दवा खरीदने में दिक्कत हो रही थी. पोस्ट-ऑफिस के इंचार्ज कैलाश चन्द्र शर्मा के साथ योगेन्द्र शर्मा और राम अवतार पैसे एक्सचेंज करने के लिए पहुंचे थे. वो हर बेड तक जा रहे थे. लोगों से फॉर्म के साथ आईडी और भर्ती स्लिप ले रहे थे. इसके बाद उन्होंने 4500 रुपए तक नोट एक्सचेंज किए. मां के इलाज के लिए आई एक लड़की रेनू ने बताया कि उसकी मां नौ नवम्बर से अस्पताल में भर्ती है. पैसे ख़त्म हो गए थे और खाने के लिए भी पैसे नहीं थे. कोई दुकानदार पांच सौ के नोट नहीं ले रहा था. पोस्ट-ऑफिस वालों ने बड़ी हेल्प की. एक और मरीज के रिश्तेदार ने कहा कि हम घंटों बैंक में लाइन में खड़े रहे लेकिन हमें पैसे नहीं मिले. नई दिल्ली के जीपीओ के डायरेक्टर हरेन्द्र कुमार ने कहा कि इस पहल से जरूरतमंदों की मदद होगी. हर कोई बैंकों या पोस्ट-ऑफिस तक नहीं पहुंच सकता. कुछ भी हो इस पहल की तारीफ़ तो बनती है.

ये स्टोरी निशान्त ने की है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

ये भी पढ़ें-

सोनम गुप्ता से पहले ये बन चुके हैं ‘नोट लेखकों’ का निशाना

अब भी जिसका रंग न छूटे, नोट वही तो जाली है

Advertisement
Advertisement