The Lallantop

न्यूज़ीलैंड की पीएम ने 50 लोगों के कातिल का नाम न लेने की वजह बताई

न्यूज़ीलैंड की संसद में कुरान की आयतों से स्पीच की शुरुआत हुई.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
न्यू जीलैंड के क्राइस्ट चर्च की दो मस्जिदों में हमला हुए शुक्रवार को एक हफ्ता हो जाएगा. उस आतंकी ने ये काम नाम कमाने के लिए किया था. लेकिन गुमनाम रह जाएगा. ऐसा कहना है न्यू जीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न का. उन्होंने कहा कि उनके मुंह से कभी उस शख्स का नाम नहीं लिया जाएगा. जिस प्रसिद्धि के लिए उसने ये घृणित काम किया है, वो कभी नहीं मिलेगी.
हमले में मारे गए लोगों के परिवार से मिलती प्रधानमंत्री
हमले में मारे गए लोगों के परिवार से मिलती प्रधानमंत्री

मंगलवार को न्यू जीलैंड की संसद थोड़ी अलग थी. कुरान की आयतों के साथ इसकी शुरुआत हुई. इमाम निजाम उल हक थानवी ने ये शुरुआत की. उसके बाद 38 साल की धाकड़ प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने बोलना शुरू किया. 'अस्सलाम अलै कुम' से बात की शुरुआत की और शांति का संदेश दिया. आगे कहा -
आने वाले शुक्रवार को इस हमले का एक हफ्ता हो जाएगा. 'उसने' अपने आतंकी हमले से काफी कुछ किया है जिनमें से एक ये भी है कि उसको नाम चाहिए. इसीलिए मेरे मुंह से आप कभी उसका नाम नहीं सुनेंगे. वो एक आतंकी है, अपराधी है, चरमपंथी है. लेकिन जब मैं बोलूंगी, वो बिना नाम का रहेगा.
वीडियो देखना चाहें तो 'द गार्डियन' का वीडियो यहां लगा है:

बाहर से आए लोगों से नफरत करने वाला ये हमलावर ऑस्ट्रेलिया का नागरिक है. श्वेत चरमपंथी है. इसी पर क्राइस्ट चर्च में दो मस्जिदों पर हमला करके 49 लोगों के कत्ल का इल्जाम है. इसने दूसरी मस्जिद में 30 मिनट तक गोलियां चलाईं उसके बाद पुलिस ने अरेस्ट किया. इसने अपने हमले का वीडियो फेसबुक पर लाइव भी किया. वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक 17 मिनट के लाइव पर बहुत सारे लोगों ने उसे शाबाशी दी और बहुत सारे लोग इस क्रूर हरकत को डरे सहमे देखते रहे. बाद में बहुत से लोगों ने इसको डाउनलोड करके फैलाया भी. उसने हमले को जस्टिफाई करते हुए 74 पेज का मेनिफेस्टो भी बनाया था. जिसको सोशल मीडिया से मीडिया हाउसेज तक पहुंचाया. यहां तक कि प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न के ऑफिस में भी उसकी कॉपी पहुंचाई थी.


Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement