इन्फोसिस को-फाउंडर नारायणमूर्ति वक्त के पाबंद इंसान के तौर पर जाने जाते हैं. नारायण ने कई बार पब्लिक फोरम में ये बताया है कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी में जो क़ामयाबी हासिल की है, वो समय की पाबंदी की वजह से है. अब नारायणमूर्ति ने दुनिया के सबसे अमीर आदमी जेफ़ बेजोस को समय का ध्यान रखने का सबक़ सिखाया है. वो भी सबके सामने, भरी भीड़ में.
दुनिया के सबसे अमीर आदमी को नारायणमूर्ति ने सबके सामने सबक़ सिखा दिया
Amazon के प्रोग्राम में नारायणमूर्ति ने जेफ़ बेजोस को दी नसीहत, वो भी सबके सामने.


# हुआ क्या
Amazon के मालिक जेफ़ बेजोस को नारायनमूर्ति की नाराजगी तब झेलनी पड़ी, जब ई-कॉमर्स के धाकड़ जेफ़ की मौजूदगी में भी एक प्रोग्राम तय वक्त से देरी से शुरू हुआ. Amazon का एक प्रोग्राम था नई दिल्ली में. इस प्रोग्राम पर बाज़ार के बड़े महारथियों की नज़र थी, क्योंकि इसे भारत और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच एक नए कारोबारी फ़ॉर्मूले के तौर पर देखा जा रहा था.
इसी प्रोग्राम में इन्फोसिस को-फाउंडर नारायणमूर्ति को भी एक स्पीच देनी थी. नारायण को अपनी स्पीच शुरू करने के लिए टाइम दिया गया था दिन में 11 बजकर 25 मिनट पर. लेकिन प्रोग्राम पहले से ही एक घंटे की देरी से चल रहा था. जब नारायण के बोलने का टाइम आया, तब बज चुके थे 11 बजकर 45 मिनट.
लोगों को लगा कि नारायण बाक़ी लोगों की तरह ही भाषण देने के लिए अपने पूरे वक्त का इस्तेमाल करेंगे. लेकिन नारायणमूर्ति ने मंच पर आते ही कहा, 'प्रोग्राम पहले से ही घंटेभर की देर से चल रहा है, तो मैं कोशिश करूंगा कि 20 मिनट की बात 5 मिनट में ख़त्म कर दूं. मुझे देर बिल्कुल पसंद नहीं है. वक़्त की क़ीमत याद रखनी चाहिए.'
# और फिर असर
नारायणमूर्ति ने जैसे ही ये बात कही, वहां मौजूद लोगों ने उनकी इस बात का स्वागत तालियों से किया. देर तक तालियां बजती रहीं. इसके बाद नारायण को और गुस्सा आया, क्योंकि उनके पांच मिनट में से दो मिनट तालियों ने खा लिए. लोगों को लगा कि नारायण सिर्फ़ कहने के लिए ऐसा कह रहे हैं. लेकिन इसके बाद नारायण मूर्ति ने महज़ चार मिनट बोलकर सभा को धन्यवाद बोला और मंच से उतर गए. मंच से लगातार नारायण मूर्ति को आवाज़ दी जाती रही, लेकिन वो वापस नहीं आए.
इसके बाद Amazon के मालिक जेफ़ बेजोस बोलने के लिए आए. जेफ़ नारायण की समय बचाने की सीख के बारे में भी बोले और सबकी तरफ़ से माफ़ी भी मांगी.
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