The Lallantop

मुख्तार अंसारी के खिलाफ हत्या का एक और मामला दर्ज, 22 साल पहले हुआ था मर्डर

मामला उसरी चट्टी में गोलीबारी से जुड़ा है.

Advertisement
post-main-image
मुख्तार अंसारी. (फाइल फोटो)

गैंगस्टर मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के खिलाफ एक और हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मुख्तार के ऊपर दर्ज किया गया ये 61वां केस है. ये मुकदमा साल 2001 मनोज राय की हत्या के तहत दर्ज किया गया है. मनोज के पिता शैलेंद्र ने मुख्तार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है. मुख्तार अंसारी इस वक्त बांदा जेल में बंद है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
क्या है मामला?

आज तक जुड़े विनय कुमार सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2001 की 15 जुलाई को मऊ के पास उसरी चट्टी में गोलीबारी हुई थी. गोलीबारी उस वक्त के मऊ सदर से तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी के काफिले पर हुई थी. इस गोलीबारी में 8 से 9 लोगों घायल हुए थे और साथ ही मुख्तार के सरकारी गनर रामचंदर और उनके एक समर्थक रुस्तम की मौत हो गई थी. 

इसी घटनाक्रम में मनोज राय नाम का एक शख्स था, वो भी इस शूटआउट में मारा गया था. मनोज राय के पिता शैलेंद्र राय ने 21 साल बाद अब मोहम्मदाबाद कोतवाली में मुख्तार अंसारी के खिलाफ IPC की धारा 302(हत्या ), 147(दंगे भड़काना), 148(घातक हथियार लेकर दंगे करना) और 149(गैर कानूनी सभा लगाना) के तहत मुकदमा दर्ज करवाया है. स्थानीय पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर के आदेश पर ये मुकदमा दर्ज हुआ है. हालांकि, शैलेंन्द्र अपने बेटे की मौत की शिकायतें IGRS के माध्यम से देते रहे हैं. इधर इस मामले में मुख्तार ने ब्रजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था. जिसके बाद त्रिभुवन सिंह के काफी लंबे समय तक गायब रहने के चलते ट्रायल बहुत समय तक रुका रहा था.

Advertisement
पिता का क्या कहना है?

रिपोर्ट के मुताबिक, शैलेन्द्र बिहार के बक्सर जिले के सगरा राजपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने अपनी तहरीर में मुख्तार के खिलाफ मनोज की हत्या करने का आरोप लगाया है. साल 2001 में प्राथमिक जांच में भी इस बात की पुष्टि हुई थी कि मनोज की मौत गोली लगने हुई थी. 23 जनवरी को गवाही के लिए मुख्तार अंसारी की MP MLA कोर्ट में तारीख थी. लेकिन उसरी चट्टी हत्याकांड के अभियुक्त त्रिभुवन सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि मुख्तार गाजीपुर से सांसद अपने बड़ भाई और मोहम्मदाबाद से विधायक अपने भतीजे शोएब अंसारी के रसूख के चलते इस केस को प्रभावित कर रहा है.  

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनोज का ससुराल गाजीपुर के भंवरकोला के गांव औथाही में है. मनोज, मुख्तार के लिए ठेकेदारी का काम करता था. एक बार मनोज ने अपने मन से टेंडर डाल दिया था, जिसके बाद मुख्तार ने नाराज होकर उसे अंजाम भुगतने की धमकी दी थी. बाद में माफी मांगने के बाद वो फिर से काम करने लग गया था. मनोज के पिता बताते हैं कि 14 जुलाई, 2001 की शाम को मुख्तार का ड्राइवर सुरेन्द्र, शाहिद गौस मोइनुद्दीन और कमाल उसके घर आए थे. और मनोज को ये कह कर ले गए की मुख्तार ने उसे किसी जरुरी काम से बुलाया है. 

इसके बाद अगले दिन शाम को उन्हें मनोज की हत्या की सूचना मिली थी. मनोज के पिता ने आगे बताया कि जब वो अपने बेटे का शव देखने मोहम्मदाबाद जा रहे थे तभी कुछ बाइक सवार ने धमकाते हुए बताया कि मनोज ने उल्टी सीधी ठेकेदारी की थी और उसे इस बात की सज़ा मिली है. और उन्हें इस बात का मलाल है कि वो उस वक्त अपने बेटे का शव भी नहीं देख पाए थे. 

Advertisement

वीडियो: मास्टरक्लास: मुख्तार अंसारी से कैदियों की कौन सी सुविधा छिनी?

Advertisement