The Lallantop

यूपी: 'औरंगजेब हवेली' को तोड़ रहा था बिल्डर, लोगों की शिकायत पर DM ने बुलडोजर रुकवाया

Mubarak Manzil Demolition: Agra की ये इमारत 'Aurangzeb Haveli' के नाम से फेमस है. इस ऐतिहासिक इमारत को लेकर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि एक बिल्डर ने पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से इसे तोड़ना शुरू कर दिया है. अब तक इस संरचना का लगभग 70 फीसदी भाग तोड़ा जा चुका है.

Advertisement
post-main-image
मुबारक मंजिल का तकरीबन 70 फीसदी हिस्सा तोड़ा जा चुका है (फोटो: सोशल मीडिया(X)

उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra) में 17वीं शताब्दी में बनी मुगलकालीन इमारत ‘मुबारक मंजिल’ को तोड़े जाने पर (Mubarak Manzil Demolition) रोक लगा दी गई है. ये इमारत ‘औरंगजेब की हवेली’ (Aurangzeb Haveli) के नाम से फेमस है. दरअसल, इस ऐतिहासिक इमारत को लेकर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि एक बिल्डर ने पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से इसे तोड़ना शुरू कर दिया है. जानकारी के मुताबिक अब तक इस संरचना का लगभग 70 फीसदी भाग तोड़ा जा चुका है. इस मामले को लेकर अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर BJP पर तंज कसा है. फिलहाल डीएम ने इस खंडित इमारत की यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश दिए हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
पुलिस-प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर, 2024 में राज्य पुरातत्व विभाग ने इस साइट को संरक्षित स्मारक घोषित करने के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया था. इसके लिए दो हफ्ते पहले ही लखनऊ के अधिकारियों ने दौरा भी किया था. लेकिन उनके दौरे के तुरंत बाद ही इस इमारत को ध्वस्त करने का काम शुरू कर दिया गया. इसके बाद स्थानीय लोगों ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई. लेकिन इमारत का 70 फीसदी हिस्सा ध्वस्त किए जाने के बाद प्रशासन एक्टिव हुआ. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि एक बिल्डर ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की मिलीभगत से इमारत को तोड़ने का अभियान शुरू किया. और साइट से 100 ट्रैक्टर से अधिक मलबा हटाया गया.

DM ने दिए जांच के आदेश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जानकारी मिलते ही SDM सचिन राजपूत के साथ पुरातत्व विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची. वहीं, आगरा के DM अरविंद मलप्पा बांगरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जांच चल रही है. जल्द ही जांच की रिपोर्ट पेश की जाएगी. साथ ही प्रॉपर्टी को लेकर किए जा रहे दावे की जांच भी की जाएगी. फिलहाल उन्होंने इमारत की सरंचना की यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है.

Advertisement
अखिलेश यादव ने BJP पर साधा निशाना

इस मामले को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. साथ ही उन्होंने BJP पर निशाना साधते हुए कहा,

“जो हिस्सा खंडित हो गया है, उसके पुनर्निर्माण का काम तुरंत शुरू किया जाए. जो शेष बचा है, उसका संरक्षण सुनिश्चित किया जाए. भाजपा राज में न इतिहास बच रहा है, न भविष्य बन रहा है. ”

कई ‘मुगलों’ का ठिकाना थी ये ‘इमारत’

यह इमारत, इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है. साइट पर एक संगमरमर की पट्टिका से पता चलता है कि इसे सामूगढ़ की लड़ाई में जीत के बाद औरंगजेब द्वारा बनाया गया था. औरंगजेब के शासनकाल के दौरान निर्मित यह भवन शाहजहां, शुजा और औरंगजेब समेत कई प्रमुख मुगल हस्तियों के निवास स्थल के रूप में इस्तेमाल हुआ करता था. हालांकि ब्रिटिश शासन के तहत इस संरचना को संशोधित भी किया गया. 1902 तक इसे तारा निवास के नाम से जाना जाता था.

Advertisement

रिपोर्ट के मुताबिक, आगरा शहर के 1868 के नक्शे में इस मुबारक मंजिल को पोंटून पुल के पास दिखाया गया है, जहां वर्तमान में लोहे का पुल है. 

वीडियो: संभल में ASI की टीम, 19 कुओं का भी सर्वे हुआ

Advertisement