15 अक्टूबर को नजीब गुम हुआ था. ABVP मेंबर्स से लड़ाई झगड़े के बाद. वो उस रात बहुत अफसोस में था. अपनी मम्मी को फोन किया था. रोते हुए कहा था कि वो जल्दी ही हॉस्टल छोड़ देगा. मम्मी को उसकी दिमागी हालत पता थी. इसलिए उसको रोका था. कहा था कि मैं आ रही हूं तुझसे मिलने. तू वहीं रुक अभी.पुलिस सोर्स बताते हैं कि नजीब की मम्मी ने उसके रूममेट कासिम को भी कॉल किया था. कि उसके साथ रहे. उसका दिमाग कंट्रोल में नहीं है. परेशान है. उसको छोड़कर न जाए. लेकिन नजीब की मम्मी कह रही हैं कि पुलिस झुट्ठी है. नजीब बिल्कुल ठीक था. ये लोग ऐसी बातें बना रहे हैं क्योंकि अभी तक खोज नहीं पाए हैं मेरे बेटे को.
डॉक्टर का बयान नजीब की मम्मी से अलग हैं. डॉक्टर कह रहा है कि नजीब कह रहा था वो इस माहौल में एडजस्ट नहीं कर पा रहा है. वो छोड़कर चला जाएगा. कासिम कह रहा है कि उस रात नजीब को तीन गोलियां दी थीं. मम्मी ने कहा था देने को. ये पता नहीं है कि वो डिप्रेशन की दवा थी, नींद की थी या कुछ और. वो 20 सितंबर को मेरे साथ आया था. हमने बहुत ज्यादा टाइम साथ नहीं बिताया. उसको दवाएं खाते भी नहीं देखा. जिस रात लड़ाई हुई तब मैंने मम्मी के कहने पर उसे दवा दी. उसका व्यवहार बिल्कुल नॉर्मल था.पुलिस नजीब को खोजने में जुटी पड़ी है. तमिलनाडु में उसके बचपन के दोस्तों की लिस्ट भी निकाल ली है. ये भी शक है कि शायद वहां गया हो.
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