भारत ने वेस्टइंडीज को 45 रनों से हरा दिया. रोहित शर्मा मैच के हीरो रहे. 98 रन की जाबड़ इनिंग्स खेली वो भी केवल 57 बॉल में. 7 छक्के और 9 चौको के साथ. ग्राउंड में चारो तरफ शॉट्स लगाए. गेंद नहीं बची थी वरना गुरु सेंचुरी तो पक्की थी. इंडिया ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 185 रन बनाए. रोहित के अलावा युवराज ने भी कई अच्छे शॉट्स खेले. 20 गेंद में 31 रनों की धांसू पारी खेली. युवराज का रन बनाना बहुत ही सुखद है. फैन्स के लिए भी और टीम इंडिया के लिए भी.

Yuvraj singh against west-indies
अब विंडीज के सामने था 186 रनों का पहाड़ के माफिक स्कोर. वेस्ट इंडीज़ गेल पर बहुत डिपेंड करती है. इस बार भी कर रही थी. और करे भी क्यूं न? गेल चल पड़े तो तभी रुकते हैं जब अगले का सब कुछ तबाह हो जाए. साक्षात प्रलय. लेकिन ऐसा हो न पाया. पूरी टीम का बोरिया-बिस्तर 140 रन पर बंध गया. शमी, नेगी, बुमराह और हार्दिक पांड्या ने 2-2 विकेट लेके आपस में 8 विकेट बांटे. शमी इंजरी से वापस लौटे थे. ये एक प्रकार का फिटनेस टेस्ट था जो उन्होंने पास कर लिया है. हालांकि टीम में उनके लिए बुमराह और पांड्या के बाद भी जगह रहेगी या नहीं, कुछ कहा नहीं जा सकता. 20 रन के साथ गेल टीम के टॉप स्कोरर रहे.
दूसरा मैच भी कम नहीं था. न्यूज़ीलैंड ऐसे खेल रही थी जैसे बुक क्रिकेट खेल रही हो. 74 रन से रौंद डाला न्यूजीलैंड ने श्रीलंका को. 20 ओवर में 226 बनाए. कोलिन मुनरो, कोरी एंडरसन और गुप्टिल ने गजब बैटिंग करी. मुनरो ने 34 गेंद और एंडरसन ने 29 गेंद में हाफ सेंचुरी ठोकी. देखा जाए तो सारे प्लेयर्स का प्रैक्टिस मैच में बहाया पसीना काम कर गया. श्री लंका 152 पर ही लुढ़क गई. थिरिमन्ने और कपूगेदरा ने थोड़ी आस ज़रूर जगाई थी लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. तेज़ खेलने के चक्कर में उन्हें भी विकेट देना पड़ा.




















