मनोज तिवारी दिल्ली से सांसद हैं साथ ही दिल्ली बीजेपी के प्रमुख भी. विवादों से इनका नाता रहा है. कभी स्टेज पर किसी को धमकियां देते हैं, तो कभी मंच पर बिना बुलाए पहुंच जाते हैं. अब एक बार फिर से विवाद में नज़र आते दिख रहे हैं.
हुआ क्या?
2 मार्च को बीजेपी ने दिल्ली में युवा विजय संकल्प रैली का आयोजन किया था. इस रैली में मनोज तिवारी आर्मी ड्रेस जैसे कलर और डिजायन वाले कपड़ों में दिखे.
ये देखिए.
इसके बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर इनके खिलाफ़ हल्ला बोल दिया. लोगों ने विरोध में लिखते हुए कहा कि सेना की जर्सी मामूली नहीं होती. बहुत मेहनत से इसे कमाया जाता है. किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए. मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी भी सामने आ गई और मनोज तिवारी की जम की खिंचाई की. दिल्ली महिला कांग्रेस की शर्मिष्ठा मुखर्जी सहित कांग्रेस के कई नेता विरोध में आ गए. शर्मिष्ठा ने ट्विटर पर लिखा-
एकदम घिनौना और शर्मनाक! एक सैनिक अपनी वर्दी की गरिमा और सम्मान को बनाए रखने के लिए अपने जीवन का बलिदान देते हैं और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी इसे तमाशा में बदलकर चीप स्टंट और सस्ती राजनीति में बदल देते हैं.
बात आगे बढ़ते देख मनोज तिवारी ने कहा-
मैंने सिर्फ इसलिए पहना क्योंकि मुझे अपनी सेना पर गर्व है. मैं इंडियन आर्मी में नहीं हूं लेकिन मैं अपनी एकजुटता की भावना व्यक्त कर रहा था. इसे इंसल्ट की तरह क्यों माना जाना चाहिए? मुझे हमारी सेना के लिए सबसे ज्यादा सम्मान है. कल को अगर मैं नेहरू जैकेट पहनता हूं तो क्या यह जवाहरलाल नेहरू का अपमान हो जाएगा?
मनोज ने बताया कि वह समय-समय पर आर्म्ड फोर्स की टोपी और टी-शर्ट पहनते हैं और इसे पहनने से गर्व महसूस होता है. आर्म्ड फोर्स का सम्मान करना देशभक्ति है. देश के लोग इसे पहनकर गर्व महसूस करते हैं. एनबीटी से बात करते हुए मनोज ने कहा कि जो लोग यह सोच रहे हैं कि मैंने टशन दिखाने या राजनीति करने के लिए आर्मी वाली ड्रेस पहनी उन लोगों को मेरे बारे में कुछ नहीं पता. मुझे सेना में जाने की इच्छा थी. एनसीसी का सी-सर्टिफिकेट है मेरे पास. सेना में जाने के लिए मैंने कई बार दौड़ लगाई लेकिन चुना न जा सका. अब भी जज्बे में कोई कमी नहीं है, इसीलिए मैं अक्सर ऐसी टी-शर्ट पहनता रहता हूं.
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