ये स्टोरी आदित्य नवोदित ने की है, आदित्य टीम दी लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप करते हैं.
उसने दो जानें बचाईं लेकिन उसे बचाने कोई नहीं आया
दिल्ली की बात है, सिलेंडर ब्लास्ट में दो बच्चों को बचाने वाला बिना इलाज के मर गया.
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Source- ANI
होम करते हाथ जले वाली बात आपने सुनी होगी. पर एक पूरा आदमी ही किसी का भला करते हुए जल गया, सबसे दुखद ये रहा कि अंत में उसने अपनी जान गंवा दी. सोमवार की बात है. दिल्ली के गांधी नगर इलाके में सिलेंडर फटने से आग लग गई. 3 लोग मारे गए. मरने वालों में से एक हैं राजेश गोयल. कपड़ों की दुकान चलाते थे. राजेश की मौत भले दुखद रही हो लेकिन मरने से पहले वो जो कर गए वो दो जनों की जान बचा गया. देखने वाले बताते है. दो बच्चे आग में फंस थे. उनको बचाने के लिए आग में कूद पड़े. बचा भी लाए थे. पर खुद ज्यादा घायल हो गए. बच्चों को बचाने की कोशिश में खुद भीतर आग में ही फंस गए थे. बचावकर्मी आए थे बचाने. पर अस्पताल ले जाने में देर लगा दी. लोक नायक हॉस्पिटल ले जाया गया. पर अस्पताल पहुंचकर दम तोड़ दिया. राजेश गोयल के रिश्तेदारों का कहना है कि, अस्पताल वालों ने भी इलाज शुरू करने में देर लगा थी. डेढ़ घंटे तक अस्पताल वालों ने ध्यान ही नहीं दिया था. काफी देर तक तो उन्हें अस्पताल के कॉरीडोर से आगे ही बढ़ने नही दिया गया था. हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक राजेश गोयल की बहन ने कहा कि उनके भाई की मौत आग से नहीं बल्कि बचावकर्मियों, पुलिसवालों और डॉक्टरों की लापरवाही से हुई है. गोयल के भाई का कहना है कि उनके भाई को जब अस्पताल में लाया गया था तब वो ज़िंदा थे अगर इलाज आधे घंटे के भीतर शुरू हो जाता तो उनके भाई बच सकते थे. अस्पताल वाले घेरे में है. हालांकि अस्पताल वालों ने फिलहाल ऐसी किसी भी बात से इंकार किया है.
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