भागलपुर के इशाकचक कबाड़ी टोला मोहल्ले में कहकशां परवीन का आवास है. कहकशां राज्यसभा सांसद हैं. 20 जुलाई की रात मुहम्मद अली नाम का एक शख्स, उनके घर हाथ में बम थामे पहुंच गया. और सांसद पति मुहम्मद नसीमुद्दीन से जा के बोला,
“मेरा पड़ोसी मुहम्मद अमर मुझे मारने के लिए ये बम लेकर आया था. मैंने उसके हाथ से बम छीन लिया. अब आप बताइए इस बम का क्या करूं?”सांसद पति हकबका गए. तुरंत उन्होंने लोकल पुलिस से संपर्क स्थापित किया. आनन-फानन में पुलिस सांसद आवास पहुंची. बम को पानी में रख कर निष्क्रिय किया गया. पुलिस ने बम लेकर पहुंचने वाले मुहम्मद अली और जिसपर अली ने आरोप लगाया, उस मुहम्मद अमर को गिरफ्तार कर लिया. दोनों ने अलग-अलग कहानी सुनाई है.
अली का दावा
अली का कहना है कि उसकी अपने बड़े भाई जहांगीर से दुश्मनी है. जहांगीर उसकी दुकान बेचकर सारा पैसा खुद खा जाना चाहता है. जहांगीर ने ही अमर को भेजा था उसे मारने के लिए. पहले भी जहांगीर ने उसे जान से मारने की धमकियां दी थी. अमर को बम जहांगीर ने ही दिया था. लेकिन इससे पहले कि अमर बम फोड़ पाता, उसने उसे पकड़ लिया.अमर की काट
उधर मुहम्मद अमर कोई दूसरा ही राग सुनाता है. कहता है उसके हाथ में अली ने जबरन बम थमा दिया था. और फिर खुद ही ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगा. जब लोग इकट्ठा हुए, तो उसने उससे बम छीन लिया और सांसद आवास की तरफ दौड़ लगा दी.पुलिस का वर्जन
पुलिस कह रही है कि दोनों की कहानी में झोल है. ऐसा लग रहा है दोनों गढ़ कर बातें बता रहे हैं. मोहल्ले के किसी भी आदमी ने इनकी बातों पर हामी नहीं भरी है. पुलिस दोनों को ही संदिग्ध मान के चल रही है. इसलिए दोनों को ही उठा ले गई.
पुलिस की गिरफ्त में मुहम्मद अमर और मुहम्मद अली. फोटो क्रेडिट: भास्कर.
एक ट्विस्ट और भी है कहानी में
इससे पहले भी एक बार सांसद के घर पर बम फेंका जा चुका है. उस घटना में 4 लोग घायल भी हुए थे. उस बम कांड से थोड़ा अरसा पहले सांसद से रंगदारी भी मांगी गई थी. रंगदारी की मांग करता ख़त सांसद के घर जिस शख्स ने पहुंचाया था, वो मुहम्मद अमर का भाई मुहम्मद आज़ाद था. सांसद ने उसे पकड़वा दिया था.बहरहाल, पुलिस ने दोनों के खिलाफ़ एक्सप्लोजिव एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है.
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