दिल्ली के छतरपुर में 6 महीने पहले हुई हत्या के मामले में आरोपी आफताब (Aftab) को अरेस्ट कर लिया गया है. आरोप है कि उसने अपनी गर्लफ्रेंड श्रद्धा (Shraddha Murder) की हत्या की और लाश को कई टुकड़ों में काटकर अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया. मृतका के पिता विकास मदन ने FIR में बताया कि वो श्रद्धा और आफताब के रिश्ते से कभी खुश नहीं थे. उन्होंने बताया कि श्रद्धा उनकी मर्जी के खिलाफ जाकर आफताब के साथ रहने गई थी.
श्रद्धा के पिता ने बताया- "आफताब करता था मारपीट, फिर भी वो वापस नहीं आई"
पिता ने बताया कि श्रद्धा ने कहा कि वो उसे अपनी बेटी ना मानें और उसने अपने फैसले लेने का हक है.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पिता ने शिकायत में बताया,
हमें करीब 8-9 महीने बाद पता चला कि मेरी बेटी श्रद्धा और आफताब रिलेशनशिप में हैं. श्रद्धा ने अपनी मां को 2019 में बताया था कि उसे आफताब के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहना है. हमने उसे मना कर दिया था क्योंकि लड़का दूसरे धर्म का था. हमारे यहां अंतरधार्मिक शादी नहीं होती.
FIR के मुताबिक माता-पिता के मना करने पर श्रद्धा ने कहा,
'मेरी बेटी के साथ मारपीट करता था'मैं 25 साल की हो गई हूं और मुझे मेरे फैसले लेने का पूरा अधिकार है. आज से मैं आपकी बेटी नहीं, ऐसा समझो.
पिता के मुताबिक, उन्होंने श्रद्धा को खूब समझाया लेकिन वो नहीं मानी. उन्होंने बताया,
मुझे उसके दोस्तों से पता चला कि वो दोनों पहले नया गांव और फिर वसाई में रहे थे. श्रद्धा ने हमें बताया था कि आफताब उसके साथ झगड़ा और मार पीट करता है. एक महीने बाद घर आकर भी उसने मुझे ये बात बोली. मैंने उसे वापस घर आने को कहा लेकिन वो नहीं मानी. इसके बाद मैंने उससे महीनों तक बात नहीं की.
पिता के मुताबिक, 14 सितंबर को श्रद्धा के दोस्त लक्ष्मण ने श्रद्धा के छोटे भाई को बताया कि करीब दो महीने से उसका फोन बंद है. इसके बाद उन्होंने लक्ष्मण से बात की और थाना मानिकापुर में अपनी बेटी की मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस को जांच में पता चला कि श्रद्धा आफताब के साथ दिल्ली के छतरपुर में रह रही थी.
लाश रखने के लिए खरीदा फ्रिजरिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की पूछताछ में आफताब ने बताया कि उन दोनों के बीच शादी को लेकर बहुत झगड़े होते थे. आरोपी आफताब ने बताया कि श्रद्धा उसपर शादी का दबाव बनाती थी इसलिए उसने उसकी हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आफताब ने श्रद्धा के शव के ‘35’ टुकड़े किए. उन्हें रखने के लिए एक फ्रिज खरीदा. फिर धीरे-धीरे टुकड़ों में शव को ठिकाने लगाया. वो रात 2 बजे अपने घर से निकलता था. 18 दिनों तक वो रोज अलग अलग इलाकों में जाकर टुकड़े फेंकता था.
देखें वीडियो- दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ने आई बेटी तो पिता फफक कर क्यों रो पड़े?











.webp?width=275)
.webp?width=275)



.webp?width=120)
.webp?width=120)
.webp?width=120)



