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पत्नी की हत्या में उम्रकैद, बाहर आया तो दूसरी बीवी के साथ मिल बेटे को मार डाला!

कानपुर क्राइम ब्रांच ने 15 महीने बाद बिसरा रिपोर्ट के आधार पर किया हत्या का खुलासा. बेटे के कत्ल में सौतेली मां और मामा गिरफ्तार, पिता फरार.

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आरोपी गोलू यादव मृतक का सौतेला मामा. (फोटो: इंडिया टुडे)

कानपुर (Kanpur) में क्राइम ब्रांच की टीम ने 17 सितंबर को एक बड़ा खुलासा किया. पुलिस ने बताया कि एक पिता ने अपने ही बेटे की हत्या की है. मामला कानपुर के चकेरी का है. 24 साल के सुधांशु यादव उर्फ शनि की मौत हो गई थी. घरवालों ने वजह हार्ट अटैक बताई. लेकिन शनि के नाना- नानी को शक हुआ. जिसके बाद FIR हुई, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई. पता चला कि मौत हार्ट अटैक से नहीं, जहर देने से हुई है. इसके बाद पुलिस ने शनि की सौतेली मां रोजी और उसके भाई गोलू को गिरफ्तार कर लिया. जबकि शनि का पिता राजेश यादव मौके से फरार हो गया.

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उम्रकैद की सजा

इंडिया टुडे से जुड़े रंजय सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस पिता पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगा है, वो 1999 में अपनी पहली पत्नी की भी हत्या कर चुका था. राजेश यादव ने अपनी पत्नी की हत्या इसलिए की थी क्योंकि वो रोजी के साथ रिलेशनशिप में था. बाद में उसने शादी भी कर ली थी. शनि की मां को जब पता चला, तो उन्होंने विरोध किया. इसके बाद राजेश ने उसकी हत्या कर दी थी. अदालत ने राजेश यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई. शनि की हत्या के वक्त राजेश परोल पर बाहर आया था.

जून 2022 में एक दिन राजेश ने बेटे को फोन कर कहा कि उसके दादा-दादी उसको याद कर रहे हैं. कहा कि वो भले ही उससे मतलब ना रखे, लेकिन अपने दादा-दादी से तो आकर मिले. आरोप है कि सनी, राजेश की बातों में आ गया और अपने दादा-दादी से मिलने चला आया. उस समय घर पर राजेश, उसकी दूसरी पत्नी 'रोजी' और उसका भाई गोलू यादव मौजूद थे. दूसरे दिन नाना-नानी को खबर मिली कि सनी की हार्ट अटैक से मौत हो गई. राजेश ने बताया था कि बेटे को हार्ट अटैक हुआ था, वो लोग उसे लेकर हॉस्पिटल भी ले गए. लेकिन शनि को बचाया नहीं जा सका. जब राजेश की बात पर नाना-नानी को यकीन नहीं हुआ, तो उन्होंने इटावा थाने में शिकायत कर FIR दर्ज कराई. बाद में मामला कानपुर की क्राइम ब्रांच को जांच के लिए ट्रांसफर कर दिया गया था.

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दाह-संस्कार करने वाले थे, लेकिन…

DCP क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि राजेश यादव 20 साल की सजा पा चुका था. उसने प्रॉपर्टी के लिए बेटे की हत्या कर दी. सौतेली मां प्रॉपर्टी में हिस्सा नहीं देना चाहती थी, इसके चलते हत्या की गई. आरोपी सनी की मौत के बाद अस्पताल से स्वाभाविक मौत का सर्टिफिकेट लेकर उसका दाह-संस्कार करने वाले थे. लेकिन नाना-नानी को शक हो गया था.

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहली जांच रिपोर्ट में जहर की पुष्टि नहीं हुई थी. जिसके बाद आरोपियों को लगा पुलिस उनका कुछ नहीं कर पाएगी. उनका अपराध छिप गया है. लेकिन फिर से जांच कराई गई तो जहरीला पदार्थ खाने की पुष्टि हुई. वारदात का खुलासा करने वाली टीम को 10 हजार रुपये इनाम घोषित किया गया है. 

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(ये खबर हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहे सचेंद्र ने लिखी है)

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