अरे याद है मुंबई में कुछ महीने पहले गुड्डू नाम के एक आदमी की खोपड़िया में सरिया घुस गया था. वो भी आर-पार. कंस्ट्रक्शन साइट पर सीमेंट-बालू मिलाते वक्त. बाद में डॉक्टरों ने उसे बचा लिया था. और सर्जरी कर के रॉड भी निकाल दिया था.

ऐसा ही एक वाकया दिल्ली के तैमूर नगर में हुआ है. 30 साल का मंजीत पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. यहां दिल्ली में अपने एक दोस्त के साथ रहता साउथ दिल्ली के तैमूर नगर में रहता है. मजदूरी करके अपना घर चलाता है. मंजीत की बहन भी उसी इलाके में थोड़ी दूर पर रहती है.

शनिवार को वो अपनी बहन के घर गया था. रात के खाने के बाद वो छत पर सोने चला गया. छत पर रेलिंग नहीं था. वैसे भी गर्मी में कौन सोता है कमरे में. आप में से भी बहुतों को आदत होगी बिस्तर पर लुंगढ-पुंगढ के सोने की. कभी इस कोने तो कभी दूसरे कोने पर. मंजीत भी ऐसे ही सो रहा था. नींद में वो रात के 3 बजे अचानक छत से नीचे गिर गया.

बाजू में घर बन रहा था. जाहिर है सरिया-वरिया तो होगा ही. सरिया घुस गया मंजीत के दांए कंधे के नीचे. वो दर्द से चिल्लाने लगा. पर किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी. सुबह के 8 बजे एक चौकीदार की नजर मंजीत पर पड़ी. उसने फौरन पुलिस को बुलाया. डिजास्टर मैनेजमेंट के लोग आए और मंजीत के शरीर में घुसे सरिए को नीचे से काटा. फिर कर उसे एम्स ले जाया गया.

डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उसे आईसीयू में भर्ती किया. आधे घंटे की सर्जरी के बाद मंजीत के शरीर से सरिया निकाला गया. अब वो खतरे से बाहर है. डॉक्टर का कहना है कि वो तो अच्छा हुआ सरिया कंधे के निचले हिस्से में घुसा था. उसकी आर्टरी बच गई. वरना उसे बचाना मुश्किल हो जाता.