The Lallantop

'हमारे साथ इतना बुरा सुलूक, हम खुदा के सौतेले बच्चे हैं क्या?

सलवार उतारकर बेल्ट से पीटा, मुंह पर थूका, पेशाब पिलाया. ये वीडियो देख हमारा सर शर्म से झुक जाना चाहिए.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
बीते सोमवार पुलिस ने 10 लोगों को एक ट्रांसजेंडर को पीटने के जुर्म में गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी तब हुई जब पिटाई की क्लिप किसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी. और पोस्ट वायरल हो गई. वीडियो में हम देखते हैं कि एक ट्रांस औरत को बिस्तर पर लिटा दिया गया है. एक गैंग है जिसका लीडर उस ट्रांसजेंडर को मार रहा है. फिर उसकी सलवार नीचे खिसका देता है, उसकी गर्दन को अपने पांव से दबा देता है. और बेल्ट से चटाचट मारने लगता है. ट्रांस औरत दर्द से कराह रही है, रो रही है. https://www.youtube.com/watch?v=-gS_dwVH4eY&feature=youtu.be मुख्य आरोपी का नाम है जज्जा. जब जज्जा से पूछा गया तो उसने बोला क्योंकि वो मेरे साथ रिलेशनशिप में थी. लेकिन दूसरे मर्दों के साथ संबंध बनाती थी. जबकि ट्रांसजेंडर जूली का कहना कुछ और ही है. उसके मुताबिक़ इन लड़कों ने रात भर ट्रांसजेंडर्स को पीटा. उनके मुंह पर थूका और उन्हें जबरन अपना पेशाब पिलाया. ये सब पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ. पाकिस्तान में ख्वाजा सरा, जिन्हें हम इंडिया में हिजड़ा कहते हैं, का समाज में वही स्थान है जो इंडिया में है. उन्हें नाचते, ताली बजाकर भीख मांगते देखा जाता है. पिछले हफ्ते चेन्नई के पोंडी बाज़ार में एक ट्रांसजेंडर की डेड बॉडी मिली. शरीर जला हुआ था. जांच कहती है कि ये आत्मदाह नहीं हो सकता. यानी किसी ने उसे जला दिया था. वहीं कुछ महीनों पहले खबर आई थी कि केरल में पुलिस ने 2 हिजड़ों को बुरी तरह पीटा क्योंकि वो एक बस स्टैंड पर खड़े थे.
इन सभी वाकयों में हिजड़े सिर्फ इसलिए पिटे हैं, क्योंकि वो हिजड़े हैं. क्योंकि वो 'पूरा' मर्द या 'पूरी' औरत नहीं हैं. क्योंकि वो आम भाषा में 'नॉर्मल' नहीं हैं.
पुरुषों के लिए हिजड़े औरत का रिप्लेसमेंट होते हैं. जब औरत वेश्या नहीं मिलती, तो हिजड़ों से काम चलाते हैं. जब काम नहीं चलता, उन्हें पीटते हैं. चूंकि हिजड़े पूरी औरत नहीं होते, वो पुरुषों को सस्ते मिल जाते हैं. जाने हमें कितना वक़्त लगेगा ये समझने में कि सेक्स और आइडेंटिटी का मसला निजी है. हिजड़ा होना एक निजी फैसला, जीने और होने का एक तरीका है, कुदरत की कोई गलती या किसी हिजड़े का कोई गुनाह नहीं है. पाकिस्तान की ट्रांसजेंडर जूली एक बहुत जरूरी सवाल पूछती हैं:

'इस देश में सबके लिए कानून हैं, जानवरों तक के लिए. लेकिन हमारे लिए नहीं है. क्या हम खुदा के सौतेले बच्चे हैं? क्या हमारा किसी बड़े नेता के घर में पैदा होना हमारी परिस्थितियों को बदल देता?'

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement