ट्रैफिक पुलिस रोज की तरह अपना काम कर रही थी. नियम तोड़ने वाले चालकों को पकड़ना, उनका चालान काटना, गाड़ी जब्त करना, वगैरा-वगैरा. इसी दौरान एक ट्रैफिक पुलिसमैन एक कार को रोकता है. वो कार के ड्राइवर से डॉक्युमेंट मांगता है. ड्राइवर कहता है कि सर बाहर खड़े होकर क्या कागज देखेंगे, अंदर आकर बैठिए. ट्रैफिक कॉन्स्टेबल ड्राइवर की बात मान लेता है और गाड़ी में बैठ जाता है. लेकिन फिर अजीब बात होती है. ड्राइवर गाड़ी के कागज दिखाने के बजाए ट्रैफिक पुलिस कॉन्स्टेबल को ही अगवा कर लेता है और 8-10 किलोमीटर दूर जाकर उसे छोड़ता है. ये अजीबोगरीब वाकया हुआ उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना बीती 17 अक्टूबर की सुबह ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर इलाके में हुई. उस दिन ट्रैफिक हवलदार वीरेंद्र सिंह ने एक स्विफ़्ट डिज़ायर रुकवाई. उन्होंने कार के चालक को डॉक्युमेंट दिखाने को कहा. चालक ने डॉक्युमेंट दिखाने के बहाने ट्रैफिक पुलिस वाले को कार के अंदर बुलाया. वीरेंद्र सिंह ने उससे फिर कागज मांगे. लेकिन ड्राइवर ने काग़ज़ तो दिखाए नहीं, उलटा पुलिसवाले को जबरन 10 किमी तक ले गया. अब बताया गया है कि कार भी चोरी की थी.
क्या बोली ट्रैफिक पुलिस?
ट्रैफिक कॉन्स्टेबल वीरेंद्र सिंह ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए बताया कि उन्हें गाड़ी की चोरी की सूचना मिली थी. इसी को लेकर रविवार 17 अक्टूबर की सुबह 9:30 बजे उन्होंने सूरजपुर में एक मारुति स्विफ़्ट डिज़ायर को रुकवाया और चालक से गाड़ी के काग़ज़ मांगे. वीरेंद्र सिंह के मुताबिक चालक ने ही उनसे गुहार लगाई कि वो गाड़ी के अंदर आ जाएं ताकि वो मोबाइल पर गाड़ी के डाक्युमेंट्स दिखा सके. इसके आगे वीरेंद्र सिंह कहते हैं,
"जैसे ही मैं गाड़ी में बैठा, चालक ने गाड़ी के दरवाज़े बंद कर दिए और यू-टर्न लेकर क़रीब 8 किलोमीटर तक चलता रहा. मेरे कई बार बोलने पर भी उसने गाड़ी की स्पीड कम नहीं की."
इसके बाद हवलदार वीरेंद्र सिंह ने 112 पर कॉल करके पुलिस को अलर्ट किया, जिसने आरोपी की गाड़ी ट्रेस की. आखिरकार चालक ने अजैबपुर पुलिस चेक पोस्ट पर हवलदार को उतारा और गाड़ी लेकर भाग गया. पुलिस ने ये भी बताया कि आरोपी ने इसी तरह की धोखाधड़ी कर ये गाड़ी गुड़गांव के एक शोरूम से 2 साल पहले चुराई थी. उसने टेस्ट ड्राइव करने के लिए गाड़ी निकाली और लेकर भाग निकला. गाड़ी चलाने वाले का नाम सचिन रावल बताया जा रहा है. वो घोड़ी बछेड़ा गांव का रहने वाला है. सोमवार 18 अक्टूबर की शाम उसे उसके गांव से गिरफ़्तार किया गया. सचिन पर अपहरण और पब्लिक सर्वेंट पर ड्यूटी के दौरान हमला करने के आरोप लगे हैं. उसे आईपीसी की धारा 364, 353 और 368 के तहत अरेस्ट किया गया है. 19 अक्टूबर को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा.