महाराष्ट्र की राजनीति में हर दिन कुछ नई उठा-पटक देखने को मिल रही है. खासकर ‘चाचा-भतीजे’ की सियासत पर सबकी नजर है. अजित पवार (Ajit Pawar) के महाराष्ट्र की सरकार में शामिल होने के बाद से ही वहां हलचल बरकरार है. NCP अब दो धड़ों में बंट चुकी है. बावजूद इसके अजित पवार गुट अपने पोस्टर बैनर में शरद पवार (Sharad Pawar) को दिखा रहा है. जिसको लेकर शरद पवार की प्रतिक्रिया सामने आई है.
पहले की थी मीटिंग, अब दी वार्निंग... शरद पवार अब जो बोले हैं अजित पवार पचा नहीं पाएंगे
शरद पवार ने कहा है कि अगर अजित के नेतृत्व वाले NCP गुट ने अपने बैनर और होर्डिंग्स पर उनकी तस्वीर का इस्तेमाल बंद नहीं किया तो वो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.
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हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, शरद पवार ने उनकी फोटो इस्तेमाल करने पर अजित पवार गुट को वॉर्निंग दी है. शरद पवार ने कहा है कि अगर अजित के नेतृत्व वाले NCP गुट ने अपने बैनर और होर्डिंग्स पर उनकी तस्वीर का इस्तेमाल बंद नहीं किया तो वो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. शरद पवार ने साथ ही कहा कि चुनाव चिह्न के मामले में जो उद्धव ठाकरे के साथ हुआ वो हमारे साथ भी हो सकता है. केंद्र सरकार की कुछ शक्तियां सत्ता का दुरुपयोग कर सकती हैं. पवार ने आगे कहा कि उन्हें चुनाव चिह्न की ज्यादा परवाह नहीं है, उन्होंने 14 चुनाव लड़े हैं और हर बार नए चुनाव चिह्न के साथ…हर बार जीत हासिल हुई.
अजित से की थी मुलाकातइससे पहले 12 अगस्त को शरद पवार (Sharad Pawar) ने अपने भतीजे अजित पवार (Ajit Pawar) के साथ सीक्रेट मीटिंग की थी. जिसके बाद सियासी गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे. क्या शरद पवार अपने भतीजे को मनाने की कोशिश कर रहे? क्या शरद पवार भी NDA का हिस्सा बन सकते हैं? मीटिंग के बाद शरद पवार का बयान भी सामने आया था.
उन्होंने कहा था कि यह कोई सीक्रेट मीटिंग नहीं थी. भतीजे से मिलने में क्या गलत है? अगर परिवार का कोई सीनियर मेंबर परिवार के किसी अन्य सदस्य से मिलना चाहता है, तो इसमें कोई समस्या नहीं है. इसके साथ ही पवार ने साफ किया कि उनकी पार्टी BJP के साथ नहीं जाएगी. उन्होंने कहा कि NCP के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में वो ये स्पष्ट कर रहे हैं कि उनकी पार्टी BJP के साथ नहीं जाएगी. भारतीय जनता पार्टी के साथ कोई भी जुड़ाव NCP की राजनीतिक नीति में फिट नहीं बैठता है.
वहीं आज तक से जुड़ीं ऐश्वर्या पालीवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, NCP के नाम और आधिकारिक चिह्न को लेकर दोनों गुटों को अब 8 सितंबर को चुनाव आयोग के नोटिस का जवाब देना होगा. चुनाव आयोग ने 27 जुलाई को अजित पवार और शरद पवार, दोनों गुटों को नोटिस जारी किया था और 17 अगस्त तक उनका जवाब मांगा था. हालांकि, शरद पवार गुट ने पत्र लिखकर चुनाव आयोग से चार हफ्ते की और मोहलत मांगी थी. जिसके बाद चुनाव आयोग की तरफ से 8 सितंबर तक का समय दिया गया. वहीं अजित पवार गुट पहले ही अपना जवाब दाखिल कर चुका है.
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