मध्य प्रदेश में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ सहित तीन नेताओं के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. कांग्रेस नेताओं ने शिवराज सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था. इस पर BJP ने पुलिस से शिकायत की. आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने मध्य प्रदेश सरकार और पार्टी की छवि को धूमिल करने की कोशिश की है. इसके बाद इंदौर के संयोगितागंज थाने में प्रियंका गांधी, कमलनाथ और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई. 12 अगस्त की रात पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि उसने प्रियंका गांधी, कमलनाथ और अरुण यादव के 'एक्स' (ट्विटर) अकाउंट "हैंडलर्स" के खिलाफ FIR दर्ज की है.
शिवराज पर लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप, अब MP में प्रियंका गांधी और कमलनाथ के खिलाफ केस दर्ज
कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर ठेकेदारों से 50% कमीशन मांगने का आरोप लगाया था.


प्रियंका गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक खत का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था. शुक्रवार, 11 अगस्त को प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया कि मध्य प्रदेश के ठेकेदारों के एक संघ ने हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को खत लिखकर शिकायत की है कि उन्हें 50 फीसदी कमीशन देने के बाद ही पेमेंट की जाती है.
प्रियंका ने अपनी पोस्ट में लिखा,
"मध्य प्रदेश में ठेकेदारों के संघ ने हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर शिकायत की है कि प्रदेश में 50% कमीशन देने पर ही भुगतान मिलता है.
कर्नाटक में भ्रष्ट BJP सरकार 40% कमीशन की वसूला करती थी. मध्य प्रदेश में BJP भ्रष्टाचार का अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर आगे निकल गई है.
कर्नाटक की जनता ने 40% कमीशन वाली सरकार को बाहर किया, अब मध्य प्रदेश की जनता 50% कमीशन वाली भाजपा सरकार को सत्ता से हटाएगी."
कमलनाथ और अरुण यादव ने भी इसी तरह के पोस्ट किए.
भ्रष्टाचार के आरोप पर क्या बोले CM शिवराज?इस पर BJP नेताओं ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी. प्रियंका के आरोपों को झूठा बताते हुए मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि वो इसका सबूत दें. साथ ही, चेतावनी दी थी कि राज्य सरकार और BJP के सामने कार्रवाई के विकल्प हैं. वहीं, मध्य प्रदेश BJP के अध्यक्ष वी.डी शर्मा ने कहा कि प्रियंका गांधी ने जिस पत्र का हवाला दिया है, वो फर्जी है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस दुष्प्रचार करती है. शिवराज का दावा है कि जिसके नाम से चिट्ठी वायरल की गई, वो आदमी 'ज्ञानेंद्र अवस्थी' कहीं नहीं मिल रहा. CM शिवराज ने कहा कि इस नाम का कोई आदमी नहीं है, सीधे चिट्ठी लिखी और वायरल कर दी.
इस मामले में इंदौर पुलिस कमिश्नर ने शनिवार 12 अगस्त की देर रात जानकारी दी कि लोकल BJP के लीगल सेल के कन्वेनर निमेश पाठक ने शिकायत की थी. शिकायत में कहा था कि ज्ञानेंद्र अवस्थी नाम के व्यक्ति के नाम से एक फर्जी खत सोशल मीडिया पर शेयर किया गया.
"आवेदक निमेश पाठक ने थाना संयोगितागंज इंदौर में इस आशय की शिकायत की है कि, ज्ञानेंद्र अवस्थी नाम के व्यक्ति का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है जिसमें पेटी कांट्रेक्टर से 50% कमीशन मांगने की जांच करने की बात लेख की गई है. इस फर्जी पत्र को सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया है. इस शिकायत पर थाना संयोगितागंज में आरोपी ज्ञानेंद्र अवस्थी और ट्विटर अकाउंट @MPArunYadav, @OfficeOfKNath, @priyankagandhi के हैंडलर्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. "
तीनों कांग्रेस नेताओं के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा-420 (धोखाधड़ी) और 469 (प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
शिकायत करने वाले निमेश पाठक ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा,
"मेरे द्वारा संयोगितागंज थाने पर आवेदन दिया गया है. हमने मांग की है कि प्रियंका गांधी, अरुण यादव, कमलनाथ और कांग्रेस के अन्य नेता जिनके ट्विटर हैंडल से एक भ्रामक पोस्ट जो कि BJP की छवि धूमिल करने के लिए पोस्ट की गई है. जिस भी हैंडल से पोस्ट की गई है, उनके हैंडलर्स यानी उन व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और जांच की जाए. हमारे आवेदन पर पुलिस ने 12 अगस्त की रात को संयोगितागंज में एक केस दर्ज किया. पुलिस जांच कर रही है."
वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष के.के मिश्रा ने कहा कि उनकी पार्टी यह साबित कर देगी कि BJP सरकार भ्रष्ट है. उन्होंने कहा कि BJP को वास्तविकता स्वीकार करनी चाहिए, लेकिन सत्तारूढ़ दल ‘राजनीतिक आतंक’ पैदा कर रहा है.
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