The Lallantop

पानी के लिए दंगे की दहलीज पर लातूर, धारा 144 लगी

महाराष्ट्र के लातूर में जबरदस्त सूखा. सारे हैंडपंप सूखे. मारामारी का माहौल.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
महाराष्ट्र के लातूर जिले में पानी की कमी को लेकर मारा-मारी इतनी बढ़ गई है कि प्रशासन को शहर में सेक्शन 144 लगाना पड़ गया है. जिसके तहत किसी एक ही जगह पर 5 लोगों से ज्यादा लोग ग्रुप बनाकर, या भीड़ की तरह खड़े नहीं हो सकते. प्रशासन का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया है कि सबको आराम से पानी दिया जा सके. शहर की पॉपुलेशन 5 लाख है और रोज की पानी की डिमांड 2 करोड़ लीटर की है. जबकि शहर में पानी सिर्फ महीने में एक बार सप्लाई हो रहा है. महाराष्ट्र के रेवेन्यू मिस्निस्टर एकनाथ खड़से ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, "सेक्शन 144 शहर के 6 वॉटर-ट्रीटमेंट प्लांट्स के पास लागू हुआ है. जो शहर के बाहरी हिस्सों में बसे हुए हैं. ये फैसला तब लिया गया जब हमें पता चला कि पानी के लिए लोग एक दूसरे से लड़ रहे हैं. इस समय शहर में पानी के 200 टैंकर सप्लाई कर रहे हैं. मैं खुद मामले को देख रहा हूं और लोगों तक पानी पहुंचाने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है." शहर में पुलिस ने अब रात को गश्त लगाना शुरू कर दिया है. जिससे कोई रात को पानी की को गैरकानूनी तरीके से सप्लाई न कर सके. सप्लाई वाले पानी के जलाशयों में छोटी नावें रख दी गईं हैं. जिससे पानी को चोरी से बचाया जा सके. शहर में सरकारी हैंडपंपों के अलावा लगभग डेढ़ हजार प्राइवेट हैंडपंप हैं जहां से लोग पानी भरना चाहते हैं. हैंडपंपों के मालिकों को लोगों को ये समझाना मुश्किल हो गया है कि वो इनसे पानी नहीं भर सकते क्योंकि सभी पंप सूख गए हैं. लगातार तीन सालों तक कम बारिश होने की वजह से लातूर में सूखा पड़ा है. शहर की पानी की कमी को पूरा करने के लिए अरवी, डोंगरगांव और मल्कोंजी जैसे शहरों से पानी लाया जा रहा है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement