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यहां मर्द करते हैं मेकअप और जूतों संग बाहर उतारा जाता है ईगो

सिओल से पंकज दुबे पिक्टोरीज से किस्से सुना रहे हैं, इसी बहाने हम नए देश को अपनी नजर से देख पा रहे हैं.

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फोटो - thelallantop
946113_10153387721390678_1357303647856438435_nपंकज दुबे राइटर हैं. दो किताबें आई हैं इनकी. 'लूजर कहीं का' और 'इश्कियापा' आजकल सिओल में हैं. सिओल फाउंडेशन ऑफ़ आर्ट एंड कल्चर की तरफ से आयोजित एशिया की रेजीडेंसी में तीन लेखकों का चयन हुआ है. जिसमें भारत से उपन्यासकार पंकज दुबे भी हैं. ये कार्यक्रम '2016 एशियाई साहित्य और रचनात्मक कार्यशाला' का हिस्सा है जिसका सब्जेक्ट है '21वीं सदी में शहर और साहित्य'. पंकज दी लल्लनटॉप के रीडर्स से प्रॉमिस करते हैं, वो आपको तस्वीरों से किस्से सुनाएंगे. इस पिक्टोरीज सीरीज में तस्वीरों के साथ एक बहुत छोटी सी लल्लनटॉप कहानी जिसमे कोरिया की खिड़की से झांककर वहां की संस्कृति की, ज़िन्दगी की, और दिनचर्या की एक छोटी मगर प्यारी बात वो अपने पाठकों के लिए भेजते रहेंगे. आपको क्या करना है कि बस प्यार बनाए रखना है. :)

1. लेखकों का घोंसला

लेखकों को अलग अलग तरह के माहौल में जा कर खुद को रिचार्ज करने में जो मज़ा आता है उसका पूरा ख्याल इस 'रेजीडेंसी' में रख जाता है. कभी संगीतमय शोर तो कभी शान्ति. ये घोंसला अगले दो महीनो के लिए अपनी पार्किंग है, जहां मंगोलिया और इंडोनेशिया के एक-एक लेखक के साथ कुछ रचनात्मक साज़िशें करने का मौका है. Art Space (1)

2. बंचन /चखना 

जब खाने और प्यार दिखाने की बात होती है तो कोरिया के लोग काफी खुले दिल के होते हैं. यहां टेबल पर बहुत सारे 'चखने' परोसने का काफी रिवाज़ है. इन्हें कोरिया में बंचन कहते हैं. Banchan the Side Dish Korea (1)

3. कोरिया के मर्द और मेकअप 

कोरिया में लड़कों और मर्दों को मेकअप करना, सजना-संवरना बेहद पसंद है. कोरिया ही ऐसा देश है, जहां के मर्दों में प्रति व्यक्ति मेकअप और स्किन केयर प्रोडक्ट्स की कंजम्पशन दुनिया भर में सबसे अधिक है. वो पर्सनल ग्रूमिंग और मेकअप को काफी संजीदगी से लेते हैं. दिलचस्प है कि कोरियाई मर्दों में मेकअप की शुरुआत फ़ौज से हुई थी. इसके मार्फ़त वो अपना प्यार और नरचरिंग अभिव्यक्त करते थे और शांति के दिनों में खुद को मशरूफ ररखते थे . सो, जब आप कोरिया आएं तो अपनी मर्दानगी मूछों में ताव देकर नहीं बल्कि कास्मेटिक्स के भाव देखकर जताएं. Korean men and make up Seoul (1)

4. किमची

कोरिया में फोटो खिचवाते वक़्त 'से चीज़' या 'पनीर' नहीं बल्कि 'किमची' बोलते हैं . किमची सुनते ही यहां के लोगों की बत्तीसी दिखने लगती है. किमची कोरिया का सबसे स्टेपल डाइट है और इसकी वजह से यहां के ज़्यादातर लोगों और मोटापे में कोई ख़ास सम्बन्ध नहीं है. हर साल प्रत्येक कोरियाई कोई 40 पौंड किमची बड़े आराम से खा लेता है. Kimchi Pictory Seoul (1)

5. अपने जूते और ईगो बाहर छोड़कर आएं

कोरिया में एक दिलचस्प संस्कृति ये है कि सिर्फ घर ही नहीं बल्कि दफ्तर, स्कूल, कॉलेज और यहां तक की बहुत से रेस्टॉरेन्ट तक में जूते बाहर उतार कर आने की परंपरा है . मैंने यहां के लोगों से बात की तो पता चला कि इसका मतलब एक-दूसरे को इज़्ज़त देना. साफ़ सफाई का ख्याल रखना और यहां की परंपरा को जीवित रखना है. मतलब ये कि जब आप कोरिया में हों तो अपने जूतों और ईगो को ज़रा बाहर ही रख छोड़ें. Shoes and Egoes Outside Please Seoul (1)

6. एक कोरियाई शाम 

यहां की शामें होती हैं शानदार, ज़बरदस्त और जानदार. हर तरफ आपकी कल्पनाशीलता में पंख लगने वाला वातावरण बनाए रखते हैं. यहां के डांसर्स, सिंगर्स, संगीतकार और एक सादगी से भरी तहज़ीब. An Evening in Seoul (1)  

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