हमाम साबुन, अन्नपूर्णा आटा, नोर सूप, सर्फ एक्सेल, क्लोज़ अप दंत क्रीम जैसे अनेक-अनेक उत्पाद बनाती है हिंदुस्तान यूनिलीवर. तमिल नाडु में पहाड़ियों पर एक खूबसूरत जगह बनी है कोडयकनाल. यहां यूनिलीवर की एक थर्मामीटर बनाने की फैक्ट्री थी. इसमें डलने वाला पारा भी अमेरिका से आता था, बनने के बाद उत्पाद भी वहां जाता था. यहां सिर्फ पारे का जहरीला प्रदूषण छोड़ दिया जाता था. फैक्ट्री वर्कर्स की जिंदगियां तबाह हो गईं. 2001 में ये फैक्ट्री बंद हुई तभी से मुआवजे की लड़ाई चल रही थी. मद्रास हाई कोर्ट ने निपटारे का समर्थन किया लेकिन लोगों को फिर भी कुछ नहीं मिला. https://www.youtube.com/watch?v=nSal-ms0vcI अब 2015 में चेन्नई की एक दुबली-पतली, अनजान सी लड़की सोफिया अशरफ ने एक एमेच्यर गाना रैप किया.
कोडयकनाल वोन्ट यानी
कोडयकनाल नहीं चुप बैठेगा. बात यूनिलीवर के बहिष्कार की आ गई. वीडियो को 36 लाख लोगों ने देखा. इसके बाद कंपनी ने 591 पूर्व कर्मचारियों को मुआवजा देने की घोषणा की.
बाद में ए. आर. रहमान ने सोफिया से संपर्क किया. अमेरिकी पॉप स्टार निकी मिनाज तक ने सोफिया के इस रैप वीडियो को ट्वीट किया जो उन्हीं के गाने एनाकॉन्डा पर आधारित था.
अब सोफिया फिर से मिशन पर हैं. अब उन्होंने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए एक गाना रैप किया है. वीडियो बनाया है. इंटरनेशनल कैंपेन फॉर जस्टिस इन भोपाल (ICJB) की याचिका पर इसके बाद कुल 1.20 लाख लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं.
https://www.youtube.com/watch?v=aZTld8_fVyg इन्होंने अमेरिकी न्याय विभाग से मांग की है कि इस कॉरपोरेंट जायंट कंपनी डाउ केमिकल्स को नोटिस भेजा जाए, समन किया जाए और जवाबदेही तय की जाए. डाउ की ही कंपनी यूनियन कार्बाइड इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार मानी जाती है. I
CJB की याचिका पर लाख लोगों के साइन की जरूरत थी. अब ये संख्या इतनी ज्यादा हो चुकी है. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय वाइट हाउस से जवाब का इंतजार है.
सरकार आंकड़ों के मुताबिक करीब 5,200 लोग इस त्रासदी में मारे गए थे और हजारों के जीवन प्रभावित हुए, आज भी हो रहे हैं. सोफिया ने कहा है कि लोगों की प्रतिक्रियाएं उनके गाने को लेकर अच्छी आ रही हैं लेकिन उनका मकसद इस मसले को उभारना है.