विनोद का परिवार.
ट्रेजडी इस तरह आती है. एक लड़के को किडनैप किया गया. एक करोड़ की फिरौती मांगी गई. रकम नहीं मिली तो बदमाशों ने उसका कत्ल कर दिया. उधर, उसका भाई फिरौती की रकम देने के लिए निकला था, उसकी रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई.
ये घटना है उत्तर प्रदेश की राजधानी मलिहाबाद की. बुधवार को वहां पेड़ से लटकती एक लाश मिली थी. पुलिस ने तफ्तीश की तो पूरी कहानी पता चली. 24 साल का विनोद 4 अप्रैल से घर से लापता था. उसे कुछ बदमाशों ने किडनैप कर लिया था और परिवार से 1 करोड़ की फिरौती मांगी थी.

मृतक विनोद.
फिरौती की रकम समय से नहीं मिली तो बदमाशों ने उसकी हत्या कर दी. इस बीच मृतक का बड़ा भाई आज़ाद फिरौती की रकम देने के लिए बदमाशों के पास गया था, लेकिन पुलिस के खौफ से उसकी बदमाशों से मुलाकात नहीं हो पाई. घर लौटते वक्त उसका एक्सीडेंट हो गया और उसकी मौत हो गई.
विनोद थाना औरास जिला उन्नाव का रहने वाला था. किडनैपिंग के बाद परिजनों ने औरास थाने में मामला दर्ज कराया था. औरास पुलिस और एसओजी की टीम लगातार परिजनों के साथ मिलकर विनोद को छुड़ाने की जदोजहद में जुटी रही.
रकम लेकर बुलाया अलग जगहों पर
इस दौरान किडनैपर्स ने कई बार परिजनों के मोबाइल पर फोन कर फिरौती की रकम पहुंचाने के लिए लखनऊ में अलग अलग ठिकानो पर बुलाया. लेकिन पुलिस को खबर की भनक मिलने के बाद उन्होंने विनोद को मारकर उसकी लाश मलिहाबाद के यादव खेड़ा गांव में आम के बाग में लटका दी.
कोई जानने वाला हो सकता है शामिल
मृतक विनोद और आजाद के पिता राम सेवक दिल्ली में केले का व्यापर करते है विनोद की हत्या के बाद परिजन औरास पुलिस पर लापरवाही का आरोप भी लगा रहे है. हालांकि परिजनों का ये भी मानना है कि इस ममले में कोई परिचित भी बदमाशों के साथ शामिल हो सकता है. क्योंकि बदमाश बार-बार फिरौती कलेक्ट करने की जगह बदल देते थे और उनको पुलिस के आने की खबर भी मिल गई थी. लखनऊ के एसएसपी का कहना है कि मलिहाबाद सहित कई थानों की टीमों को अपराधियों की तलाश में लगाया गया है.