फेस्ट में शामिल करने के लिए काले पेंट से पोते गए घायल हाथी
केरल: थ्रीशूर पूरम फेस्ट के दौरान आतिशबाजी भी हुई. श्रद्धालुओं ने प्रशासन को दखल देने से रोका.
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फोटो - thelallantop
केरल के कोल्लम में पुत्तिंगल मंदिर में आग लगी. आतिशबाजी के दौरान. 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. सालाना फेस्ट चल रहा था. हादसे के बाद कहा गया कि अब एक्टिव होने का वक्त है. इस हादसे से सबक लिए जाएंगे. लेकिन मुआफ कीजिए. कोई सबक नहीं लिया गया है. थ्रीशूर के वड़ाकुन्नाथन मंदिर में थ्रीशूर पूरम मनाया गया. लेकिन इस फेस्ट के दौरान फिर लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है. थ्रीशूर पूरम फेस्ट के दौरान जमकर आतिशबाजी हुई. लेकिन इससे इतर फेस्ट में एक परेड के लिए करीब 68 हाथियों को शामिल किया गया. बताते हैं कि हाथियों के इस झुंड में कई हाथी घायल थे. घायल हाथियों के घाव छिपाने के लिए महावतों ने काला पेंट कर दिया. बता दें कि घायल होने पर हाथियों को परेड में शामिल होने की इजाजत नहीं मिलती है. हाथियों से थोड़ी ही दूर पर कुछ लोग ड्रम भी बजा रहे थे. इन सब चीजों को लोग तो खूब मज़ा ले रहे थे. लोकिन शोर और गर्मी से हाथियों का बुरा हाल था. जब प्रशासन ने दखला देना चाहा तो श्रद्धालुओं ने रोक दिया. ऐनिमल्स वेलफेयर बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि उन्हें प्रशासन ने हाथियों के पास जाने भी नहीं दिया. जबकि ‘प्रिवेन्शन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स ऐक्ट’ के तहत ऐसे हालात में जानवरों को चेक करना जरूरी है. (ये स्टोरी दी लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रही आकांक्षा ने लिखी है)
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