इस शुक्रवार को दो फ़िल्में रिलीज़ हुईं. एक का इंतज़ार तो ग्यारह मुल्कों की पुलिस को था. दूसरी पर छाती पीटी जा रही थी. उसमें एक पाकिस्तानी जो था. डायरेक्टर भी 'गे' था. कैसे रिलीज़ हो भला? लेकिन क्या है कि 'गे' डायरेक्टर एक पाकिस्तानी को अपनी फ़िल्म में लेता है तो वो 5 करोड़ की फिरौती देकर इन सभी आरोपों से मुक्त हो सकता है. ये वाला भी मुक्त हुआ. फ़िल्म रिलीज़ हुई. शिवाय फ़िल्म नहीं मज़ाक था. इसे पहली अप्रैल को रिलीज़ किया जाता तो न्याय होता. बहुत बर्फ़ीली फ़िल्म. इसे ठंडा-ठंडा कूल-कूल का ऐड भी माना जा सकता है. और ऐ दिल है मुश्किल के तो क्या कहने. रणबीर कपूर फ्रेंडज़ोन से बाहर कब निकलेंगे, मालूम नहीं. गाने के अन्त में बके गए सेंटी डायलाग फिल्में नहीं चलाते. खैर. मुद्दा आया कमाई का. क्यूंकि सारी बात वहीं आके रूकती है. चाहे फ़िल्म हो या शादी. "लड़का कमाता कितना है" इस देश का सबसे व्यापक यक्ष प्रश्न है. सनद रहे कि हम उस जमाने में जी रहे हैं जब मोदीजी की झाड़ू लगाती हुई फ़ोटो पर चुनाव लड़ा जा सकता है और बाद में सार निकलता है कि फ़ोटो फ़ोटोशॉप्ड थी. इस केस में भी ऐसा ही मामला है. बहुत से फेकू हैं. फ़ेकने की शुरुआत फ़िल्म रिलीज़ के पहले ही शुरू हो गयी. कहा जाने लगा कि शिवाय अपने पहले दिन की कमाई सैनिकों को डेडिकेट करेगी. मालूम चला कि सब उतना ही सच है जितना मुंहनोचवा का आना सच था. फिर फ़िल्म रिलीज़ हुई. लोगबाग देखने गए. अपन भी गए. शिवाय देखने. ऐ दिल है मुश्किल नहीं देखी. लव स्टोरी वाली फिल्में देखी नहीं जाती. फ़िल्म को पैसे दिए. जिसका मन जो हुआ, वो वही फ़िल्म देखने गया. कई जगहों पर ऐ दिल है मुश्किल का विरोध हुआ. पाकिस्तान में दोनों ही फ़िल्में नहीं रिलीज़ हुईं. अच्छा हुआ. वरना फौजी भाइयों को पाकिस्तानी पैसा पहुंच जाता. लेकिन पेंच ये आया कि अफवाहों पर अगर ध्यान न दिया जाए तो ऐ दिल है मुश्किल की कमाई शिवाय से काफ़ी आगे चल रही है. और ये तब है जब फ़वाद खान को समेटे ऐ दिल है मुश्किल फिल्म का बहिष्कार करने की मुहीम चलाई जा रही है. व्हाट्सैप्प पर मेसेज फॉरवर्ड हो रहे हैं. चाइनीज़ झालर और 'गे' डायरेक्टर की फ़िल्म न देखने को कहा जा रहा है. मगर इसका कोई भी फ़ायदा नहीं हुआ. शिवाय को ओपेनिंग मिली 10 करोड़ की. वहीं ऐ दिल है मुश्किल को मिली 13 करोड़ की. और ये एहतियात के साथ बताया जा रहा है. वरना दशमलव लगाकर कुछ लाख और बढ़ सकते हैं."शुक्रवार की शाम हसीं है. नई नई ये फ़िल्म लगी है. गरमी की न होगी टेंशन. थियेटर है वो एयरकंडीशन. फ़िल्म हंसीं वो जानेमन है. ये फिल्मों में नंबर वन है."
काफी सारे लोग कहेंगे कि ये तरनवा झूठ बोल रहा है. तो मैं ये बता दूं कि जिसने कहा था कि धरती गोल है, वो भी झूठ बोल रहा है. शनिवार की कमाई भी सामने आई. शनिवार को भी जनता ने ऐ दिल है मुश्किल को फेवर किया.
कुल मिलाके बात ये है कि शनिवार तक शिवाय ने 20.30 करोड़ कमाए हैं तो इतने ही दिन में ऐ दिल है मुश्किल ने उससे 6.10 करोड़ रुपये ज़्यादा कमा लिए हैं. यानी कुल कमाई है 26.40 करोड़ की. अब इसमें अगर 5 करोड़ की फिरौती को निकाल भी दें, तो भी करनवा 1.10 करोड़ रुपया है आगे है देवगन से. बताओ! ये भी पढ़ें:














