अफजल गुरु नहीं, रोहित वेमुला है मेरा नायक: कन्हैया कुमार
रिहाई के बाद JNU में कन्हैया की प्रेस कॉन्फ्रेंस. कहा- मुझे नेता नहीं, टीचर बनना है.
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फोटो - thelallantop
देशद्रोह के आरोपी JNU छात्रसंघ प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार जेल से रिहा होते ही फुलफॉर्म में लौट आए हैं. पहले तिहाड़ से रिहा होते ही गुरुवार को JNU में तगड़ी स्पीच दी. फिर शुक्रवार को JNU में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, 'अफजल गुरु देश का नागिरक था. वो मेरे लिए नायक नहीं था. न ही मेरा आदर्श. अफजल को कानून ने सजा दी. हमारे आदर्श रोहित वेमुला है. मैं नेता नहीं हूं, स्टूडेंट हूं. आगे जाकर टीचर बनना है. तो मैं सारे सवालों का जवाब दूंगा. भागूंगा नहीं.' मोदी का चितचोर कन्हैया! कन्हैया कुमार ने कहा, 'देश की न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा यकीन है. देशद्रोह कानून का गलत इस्तेमाल बिलकुल न हो. छात्रों ने मुझे प्रतिनिधि चुनना है. हम विक्ट्री नहीं, यूनिटी मार्च कर रहे हैं. देशभक्ति पर किसी का पेटेंट नहीं है. उमर खालिद और अनिर्बन पर देशद्रोह का केस दर्ज न हो. कोर्ट ने जो निर्देश दिया, वो मेरे जीवन जीने का तरीका है. ये तो मेरा सपना है, जो कोर्ट ने कहा है.' https://twitter.com/ANI_news/status/705711303654973441 देखिए और सुनिए जेल से रिहा होते ही कन्हैया की दी स्पीच.. https://www.youtube.com/watch?v=Jaswks4QNAc
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